चाकू से हमला करने के दोषी को 7 साल का कठोर कारावास, जुर्माना भी लगाया
HNN/मंडी
जिला मंडी में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (1) की अदालत में चाकू से हमला करने के आरोपी को दोषी करार दिया गया है। अदालत में दोषी को सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत में कहा गया है कि यदि दोषी निश्चित समय में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी की पहचान सुनील कुमार पुत्र बुधी सिंह निवासी नेरचौक के रूप में हुई है। वहीं पीड़ित की पहचान हरीश के रुप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, हरीश एक निजी कॉलेज में बी फार्मा की पढाई कर रहा था और नेरचौक में एक किराए के मकान में रह रहा था। घटना वाले दिन हरीश और दिवेश एक जिम में गए थे। मामला 9 मार्च 2010 का है। जब शाम के समय वे अपने क्वार्टर लौटे और खाना खाने के लिए ढाबे में जा रहे थे। जिस दौरान आरोपी सुनील कुमार अपने हाथ में चाकू लेकर वहां आया और हरीश के पीठ पर चाकू से हमला कर दिया।
आरोपी ने हरीश की गर्दन पर वार करने की भी कोशिश की। जिसे रोकने की कोशिश में हरीश के बाएं हाथ में चोट आ गई। इतना ही नहीं आरोपी ने हरीश के पेट, जांघों, बाजू और छाती पर चाकू से हमले किए। हमले के दौरान हरीश बेहोश हो गया और वहीं पर गिर गया। तभी वहां पर मौजूद लोगों ने हरीश को आरोपी से बचाया और उसे घायलावस्था में अस्पताल में पहुंचाया। जिसके बाद अभियोजन पक्ष ने रत्ती अस्पताल से बल्ह पुलिस थाना को इस घटना की सूचना दी गई।
जिसके बाद पुलिस का दल सहायक उप निरीक्षक सुरजीत सिंह की अगुवाई में रत्ती अस्पताल में पहुंचा। जहां पर हरीश कुमार रणौत अस्पताल में उपचाराधीन मिला। अस्पताल में डॉक्टर ने हरीश की हालत को गंभीर बताया। जिस कारण वह उस समय बयान नहीं दे सका। इसलिए पुलिस ने दिवेश कुमार का बयान लिया और मामला दर्ज करके जांच शुरू की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया।
अदालत में मामले की पैरवी लोक अभियोजक चानन सिंह ने की। वहीं इस मामले में पीड़ित की ओर से 14 गवाहों के बयानों दर्ज किया गया। जिसके बाद अदालत ने सभी गवाहों के बयानों को मध्यनज़र रखते हुए आरोपी सुनील दोषी करार दिया और सात साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। यदि दोषी निश्चित समय में जुर्माना अदा नहीं करता तो उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।