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चौकीमन्यार में समाज सेवी संस्था “सर्वे भवन्तु सूखिन” गरीब परिवार की मदद किया सराहनीय कार्य

PRIYANKA THAKUR 23 Mar 2026 Edited 23 Mar 1 min read

Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल

चौकीमन्यार गांव में एक समाजसेवी संस्था ने जरूरतमंद परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। संस्था ने आर्थिक सहयोग देकर परिवार को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्रदान की। इस सराहनीय पहल की स्थानीय लोगों ने भी जमकर प्रशंसा की।

ऊना

मानवता की मिसाल

उप तहसील जोल के अंतर्गत आने वाली ग्राम चौकीमन्यार के गांव में मानवता और सामाजिक सरोकार की मिसाल देखने को मिली, जब एक जरूरतमंद परिवार की सहायता के लिए समाजसेवी संस्था ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ आगे आई। संस्था द्वारा गांव के एक जरूरतमंद परिवार के भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। संस्था की निदेशक किरण भयाना ने बताया कि चौकीमन्यार गांव से स्वर्गीय राजेश कुमार की पत्नी को यह मदद प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय राजेश कुमार के निधन के उपरांत उनकी पत्नी पर चार बेटियों की जिम्मेदारी आ गई है।

परिवार की स्थिति

परिवार के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है, जिसके चलते उन्हें जीवनयापन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे कठिन समय में उन्होंने पशुपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्हें गाय खरीदने और शेड निर्माण हेतु आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी। इसी बीच उनकी संस्था ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ के ध्यान में यह मामला लाया गया। जिसपर संस्था ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए, पीडि़त परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया।

संस्था का सहयोग

संस्था की निदेशक किरण भयाना ने बीते रोज चौकीमन्यार गांव में उनके घर जाकर स्वर्गीय राजेश कुमार की पत्नी को 2 लाख रुपये का चेक भेंट किया। ताकि वह गाय खरीद सकें और पशुओं के लिए शेड का निर्माण कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने संस्था के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आत्मनिर्भरता की पहल

उन्होंने अन्य लोगों से भी अपील की कि वे जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। किरण भयाना ने इस अवसर पर कहा कि उनकी संस्था का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाना है, और भविष्य में भी इस प्रकार के सहयोगात्मक कार्य जारी रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहायता परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आएगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।