हिमाचल में एंट्री टैक्स पर नरम रुख, सुक्खू सरकार करेगी पुनर्विचार, कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों पर बढ़ाए गए एंट्री टैक्स को लेकर सरकार अब अपने फैसले पर पुनर्विचार करने जा रही है। कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद दरों में बदलाव के संकेत मिले हैं।
शिमला
एंट्री टैक्स पर सरकार का बदला रुख
हिमाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने के फैसले को लेकर उठे विवाद के बीच अब सरकार का रुख नरम होता नजर आ रहा है। पहले जहां सरकार इस फैसले को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही थी, वहीं अब विभिन्न वर्गों, व्यापारिक संगठनों और पड़ोसी राज्यों की प्रतिक्रियाओं को देखते हुए इसमें बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। यह मामला अब केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके आर्थिक और व्यावसायिक प्रभावों को भी गंभीरता से समझा जा रहा है, जिससे संतुलित निर्णय लेने की कोशिश की जा रही है।
सीएम ने दिए पुनर्विचार के निर्देश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग को एंट्री टैक्स की दरों पर दोबारा विचार करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। हालांकि सरकार ने नई दरों को 1 अप्रैल से लागू करने की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही इन दरों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। सरकार अब ऐसे विकल्प तलाश रही है, जिससे राज्य की आय पर असर भी न पड़े और आम लोगों, व्यापारियों तथा परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ भी कम किया जा सके।
कैबिनेट बैठक में हुई विस्तृत चर्चा
शिमला में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर लंबी और विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें सभी मंत्रियों ने अपने-अपने सुझाव रखे। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी निर्णय का असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पड़ोसी राज्यों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। ऐसे में सरकार अब ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है, जो व्यावहारिक भी हो और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया हो।
मंत्रियों के बयान से मिले संकेत
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने एंट्री टैक्स के कुछ प्रावधानों पर फिर से विचार करने का निर्णय लिया है और कुछ विशेष श्रेणी के वाहनों के लिए टैक्स दरों में राहत देने की संभावना है। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह समीक्षा कर रही है और राज्य अपने अधिकारों के तहत ही अंतिम निर्णय लेगा, जिसमें किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पड़ोसी राज्यों के साथ संतुलन जरूरी
कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि एंट्री टैक्स बढ़ाने का निर्णय राज्य की आय बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया था, जो कि पूरी तरह संवैधानिक है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ तालमेल बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि किसी प्रकार का विवाद न बढ़े। इसी दिशा में मुख्यमंत्री सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री से भी बातचीत की है, जिससे आपसी समझ के आधार पर एक संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके।