HNN / शिमला
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान वृद्धावस्था पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए आयु सीमा 80 वर्ष निर्धारित की गई थी। वर्तमान प्रदेश सरकार ने पदभार ग्रहण करने के पश्चात मंत्रिमण्डल की पहली बैठक में वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा को 80 वर्ष से घटाकर 70 वर्ष किया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कांगड़ा जिला के चम्बी में त्रिदेव सम्मेलन के अवसर पर जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि अब वृद्धवस्था पेंशन की आयु सीमा को घटाकर 60 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं परिवार व समाज को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के संकट के दौर में महिलाओं ने लोगों की सुविधा के लिए कपड़े से बने लाखों मास्क उपलब्ध करवा कर सराहनीय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि चम्बा में आयोजित राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह के अवसर पर की गई घोषणाओं को भी पूरा कर दिया गया है।
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अब प्रदेश में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रा करने पर महिलाओं से 50 प्रतिशत किराया ही लिया जाएगा। इस निर्णय को मंत्रिमण्डल ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए वर्ष 2019 में गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों की देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना शुरू की गई है। इस योजना के अन्तर्गत अब तक गंभीर बीमारियों से ग्रसित 17,989 मरीजों को 60.50 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी, वन मंत्री राकेश पठानिया, सांसद किशन कपूर व इंदु गोस्वामी, सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंस राज, कांगड़ा व चंबा जिला के विधायक, प्रदेश भाजपा प्रभारी अविनाश राय खन्ना, भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा व भाजपा के प्रदेश महासचिव त्रिलोक कपूर और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
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