लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

जसवाणी के रिखी राम 73 की उम्र में भी बांस शिल्प से संवार रहे जीवन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन | 26 फ़रवरी 2026 at 3:04 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

बिलासपुर के जसवाणी गांव के 73 वर्षीय रिखी राम आज भी पारंपरिक बांस उत्पाद बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं। बाजार में प्लास्टिक उत्पादों की बढ़ती मांग से उनकी कारीगरी पर असर पड़ा है।

बिलासपुर/घुमारवीं

पारंपरिक हुनर से जीवन निर्वाह
तहसील घुमारवीं के गांव जसवाणी निवासी रिखी राम पिछले कई दशकों से अपने हाथों के हुनर के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने युवावस्था में पढ़ाई के बाद काष्ठकला सीखी और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लकड़ी के कार्य से अपनी पहचान बनाई।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

चोट के बाद बदला पेशा
करीब दस वर्ष पहले काम के दौरान हाथ में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें भारी लकड़ी का काम छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने बांस से टोकरी, खारे और छडोलू जैसे पारंपरिक उत्पाद बनाना शुरू किया। यह काम अपेक्षाकृत हल्का था और गांव में इसकी मांग भी थी।

बाजार में प्लास्टिक से घटी मांग
रिखी राम बताते हैं कि पहले हर घर में बांस के उत्पाद उपयोग में आते थे, लेकिन अब सस्ते और टिकाऊ प्लास्टिक सामान ने उनकी जगह ले ली है। कच्चा माल यानी बांस भी अब आसानी से उपलब्ध नहीं होता, जिससे काम और कठिन हो गया है।

नई पीढ़ी की बेरुखी चिंता का कारण
उनकी चिंता है कि नई पीढ़ी इस पेशे से दूर हो रही है। युवा इसे कम आय और अधिक मेहनत वाला काम मानते हैं। हालांकि उन्होंने अपने बेटे को यह हुनर सिखाया है, लेकिन वे मानते हैं कि केवल पारिवारिक प्रयासों से इस कला को लंबे समय तक जीवित रखना कठिन है।

सरकारी योजनाओं से उम्मीद
पारंपरिक कारीगरों के लिए सरकार द्वारा विश्वकर्मा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत टूल किट के लिए 15 हजार रुपये का अनुदान, सस्ती दरों पर ऋण और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग केंद्र या संबंधित प्रसार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

यह कहानी केवल रिखी राम की नहीं, बल्कि उन अनेक कारीगरों की है जिनकी पारंपरिक कला बदलती जीवनशैली और बाजारवाद के दबाव में धीरे-धीरे सिमटती जा रही है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]