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जिला के किस हाईवे पर कितना और किस तरह का है ट्रैफिक

By PARUL Published: 2 Sep 2024, 2:41 PM | Updated: 2 Sep 2024, 2:41 PM 1 min read

ट्रैफिक सर्वे की रिपोर्ट से तय होता है कि एनएच को भारत माला, ग्रीन कॉरिडोर, सुपर एक्सप्रेस वे और फोरलेन किस प्रोजेक्ट में शामिल किया जाए

HNN/नाहन

जिला सिरमौर के नेशनल हाईवे पर इन दिनों केंद्र सरकार के सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा ट्रैफिक सर्वे करवाया जा रहा है। केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत यह एजेंसी पूरे देश भर में विभिन्न नए घोषित नेशनल हाईवे, फोरलेन और इंटरमीडिएट हाईवे पर ट्रैफिक का हर वर्ष रैंडम सर्वे करती है। प्रदेश सरकारों की ओर से केंद्र सरकार को जिन राज्य मार्गों को नेशनल हाईवे बनवाने के लिए पत्राचार किया जाता है।

उन सड़क मार्गों पर भी यह सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे के दौरान यह भी जांचा जाता है किस हाईवे पर कौन कौन से वाहनों का ट्रैफिक बढ़ रहा है। छोटे वाहनों की संख्या, बड़े वाहनों की संख्या, दो पहिया वाहनों और ट्रको की संख्या सबका अलग-अलग आंकड़ा एकत्रित किया जाता है। सड़क, परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय द्वारा सिरमौर जिला से प्रस्तावित फोरलेन कालाअंब पांवटा साहिब नेशनल हाईवे 07 तथा नाहन सराहां कुमारहट्टी इंटरमीडिएट हाईवे 907ए पर इन दोनों ट्रैफिक सर्वे के लिए कैमरे लगाए गए हैं।

डिजिटल कैमरा में लगे उपकरणों से 24 घंटे में जांच की जाती है। 24 घंटे में हाइवे पर कौन-कौन वाहन निकले। एक सप्ताह तक केंद्र सरकार की यह एजेंसी सर्वे करती है। उसके बाद सर्वे की रिर्पोट मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को सौंप दी जाती है। इसके बाद मंत्रालय के उच्च अधिकारी सड़क को अपग्रेड करने का निर्णय लेते हैं। उसके बाद सड़क को ट्रैफिक के अनुसार भारत माला, ग्रीन कॉरिडोर, सुपर एक्सप्रेस वे और फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल किया जाता हैं।

उधर नेशनल हाईवे नाहन मंडल के सहायक अभियंता अभय चौहान ने बताया कि मंत्रालय द्वारा पूरे देश में हाईवे पर रेंडम ट्रैफिक सर्वे के लिए कुछ एजेंसी को अधिकृत किया गया है। एजेंसी हाईवे के ट्रैफिक सर्वे की सारी रिर्पोट भी मंत्रालय के उच्च अधिकारियों को ही सौंपते हैं। सिरमौर के एनएच पर इन दिनों ट्रैफिक सर्वे के लिए तकनीकी यंत्र लगे हैं।

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