डीसी बोले स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ पर्यावरण होना भी जरूरी है
विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस समाज के प्रबुद्ध लोगों ने दिया बडा संदेश
HNN/नाहन
स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ पर्यावरण होना बहुत जरूरी है यह संदेश उपयुक्त जिला सिरमौर सुमित खिमता ने दिया है। उपायुक्त ने समाज के हर वर्ग से अपील करते हुए कहा है कि हमें अपने वर्तमान और अपनी आने वाली पीढियां के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षित पर्यावरण के लिए जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और घटते जंगल एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एक घर और 10 पेड़ लगाना हमारा संस्कार होना चाहिए ना की औपचारिकता। उन्होंने कहा कि पेड़ कहीं भी लगाया जाए मगर यह संस्कार में शामिल होना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने और अपने भावी पीढियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए पेड़ों का भी संरक्षण संतान समझकर करना चाहिए।
जिला सिरमौर वन अरण्यपाल बसंत किरण बाबू ने कहा कि घटते जंगलों के कारण वन्य जीवो पर भी भारी संकट मंडराता है। अत्यधिक निर्माण के चलते पर्यावरण मित्र पशु पक्षियों और जीवों की संख्या भी प्रभावित हो रही है इसके साथ-साथ मित्र जीवन की संख्या कम होने से पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है। बसंत किरण बाबू ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए हमें न केवल अपने आसपास सफाई रखनी है बल्कि जंगलों को आग और रजक तत्वों से बचाते हुए उन्हें संरक्षित करने का संकल्प लेना है।

जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अजय पाठक ने विश्व पर्यावरण दिवस को सोई हुई चेतन को जगाने का एक बड़ा अलर्ट बताया है। उन्होंने कहा कि आज समाज में लगभग हर वर्ग शिक्षित है मगर पर्यावरण के संरक्षण को लेकर अभी भी अशिक्षित है। उन्होंने कहा लोग घर को तो साफ रखते हैं मगर घर की गंदगी को कैसे व्यवस्थित किया जाए उसको लेकर अभी भी गंभीर नहीं है।उन्होंने कहा ना तो लोग बेहतर तरीके से नियमानुसार कचरे का प्रबंध करते हैं और ना ही घरों के आसपास सफाई व्यवस्था को कायम रखने के लिए अपना नैतिक निर्वहन करते हैं। उन्होंने कहा ऐसी परिस्थितियों में बाहर की बीमारियां घर के अंदर चली जाती हैं। जिसके चलते डेंगू मलेरिया वायरल इनफेक्शन जैसे गंभीर स्वस्थ जीवन का संतुलन बिगाड़ देते हैं।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने रिहायशी क्षेत्र में कम्युनिटी बेस ऐसी व्यवस्था बनाएं ताकि घर के साथ-साथ घर के बाहर का भी वातावरण शुद्ध और स्वस्थ हो।

एसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर अत्यधिक कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण रखने की अपील करी है।उन्होंने कहा कि हमारा वातावरण आज बढ़ते वाहनों की संख्या से भी काफी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उचित समय पर अपने वाहनों की प्रदूषण जांच करवाएं, साथ ही कोशिश करें कि निजी वाहन की जगह सामुदायिक वाहन का प्रयोग कर वातावरण को भी और अपने आर्थिक संतुलन को भी बचाएं।

नाहन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अजय गर्ग ने विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस पर लोगों से अपील करते हुए कचरा प्रबंधन पर और ज्यादा फोकस करने के लिए कहा है। वहीं उन्होंने शहर में स्कूटर ,कार आदि के मैकेनिक्स से भी अपील करते हुए कहा कि गाड़ियों से निकला जला हुआ तेल और कचरा खुले में बिल्कुल ना गिरांए ।उन्होंने कहा कि खुले में घेरा हुआ जला हुआ तेल जहां जमीन की उर्वरकता को खत्म कर देता है तो वहीं इससे वातावरण भी अत्यधिक प्रदूषित होता है। अजय गर्ग ने शहर के दुकानदारों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वह अपनी दुकानों का कचरा नगर परिषद के वाहन में ही डालें न कि दुकान के बाहर ढेर लगाएं।उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि दूर तो दूर गार्बेज कलेक्शन में कचरा का प्रिथकीकरण आवश्यक करें। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस एक दिवस मात्र बनकर न रह जाए बल्कि यह एक ऐसा संस्कार हो जो प्रतिदिन के लिए लागू होना चाहिए।

वहीं प्रदूषण विभाग के अधिशासी अभियंता अतुल परमार ने कहा कि औद्योगिक विस्तारीकरण अगर सही है तो उसके साथ-साथ उन्हें प्रदूषण मुक्त रखा जाना भी जरूरी है। उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान करते हुए कहा कि अपने उद्योगों में एक बेहतर ग्रीन पैच का निर्माण करें इसके साथ-साथ कारखाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बेहतर ट्रीटमेंट इक्विपमेंट्स का भी इस्तेमाल करें। उन्होंने उद्योगपतियों से आह्वान करते हुए कहा कि न केवल फैक्ट्री परिसर बल्कि अपने आसपास जहां भी बंजर जगह दिखती है उसे उर्वरक कर अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण को संरक्षित करें।