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डेढ़ महीने से हो रही अनदेखी के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, कुल्लू में प्रदर्शन जारी

NEHA • 18 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/कुल्लू

पिछले डेढ़ महीने से जारी अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को चौहकी और बलाधी गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने मलाणा पावर प्रोजेक्ट के खिलाफ चौहकी में धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के प्रदर्शन के कारण दिनभर माहौल गर्माया रहा। हालांकि, प्रोजेक्ट प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला, जिससे नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखने का फैसला लिया।

प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के कारण चौहकी और बलाधी गांवों में तबाही हुई है, जिसके लिए मलाणा पावर प्रोजेक्ट जिम्मेदार है। स्थानीय निवासी शेर सिंह ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से ग्रामीण परियोजना अधिकारियों से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बाढ़ के कारण जिन लोगों के घर, जमीन, दुकानें और मंदिर बर्बाद हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, यह उनकी प्रमुख मांग है।

मंगलवार को चौहकी और आसपास के गांवों के लोग एकत्र होकर पावर हाउस के गेट तक पहुंचे और दिनभर धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों ने ‘कंपनी गो बैक’ के नारे लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर, नायब तहसीलदार जरी हेमराज शर्मा ने बताया कि जिनके मकान बाढ़ में बह गए थे, उन्हें सरकार की गाइडलाइन के अनुसार फौरी राहत दी गई है। मुआवजा भी सरकार द्वारा जल्द जारी किया जाएगा। जमीनों के मुआवजे के लिए आवश्यक एनओसी और दस्तावेज मांगे गए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है।