ऊना में अतिरिक्त उपायुक्त महेन्द्र पाल गुर्जर ने गुरुवार को दो अहम बैठकों की अध्यक्षता की। जातीय भेदभाव रोकने और दिव्यांगजनों के विधिक संरक्षण पर बने कानूनों के पालन की गहन समीक्षा की गई।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि 31 अगस्त 2025 तक जिले में कुल 67 मामले दर्ज हैं। इनमें से 52 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, 4 मामलों का निपटारा हो चुका है और 7 में पुलिस जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर राहत राशि और कानूनी संरक्षण दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अधिनियम के अंतर्गत पीड़ितों को एक लाख से लेकर 8.25 लाख रुपये तक की राहत राशि चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई जाती है।
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राष्ट्रीय न्यास अधिनियम पर चर्चा
दूसरी बैठक राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत हुई। इसमें ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और बहु-दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के लिए विधिक संरक्षक नियुक्त करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। अब तक ऊना जिले में 113 स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं।
अधिकारीयों को दिए निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि दोनों अधिनियमों का पालन सुनिश्चित करें और पीड़ितों को न्याय व दिव्यांगजनों को विधिक संरक्षण देने में कोई ढिलाई न बरतें।
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