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बायोडायवर्सिटी पार्क / देवी मां शिकारी के चरणों में बना भुलाह बायोडायवर्सिटी पार्क, ईको टूरिज्म का चमकता सितारा बना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 11 Jun 2025 • 1 Min Read

मंडी

ट्री हाउस, ट्री वॉक और जैव विविधता के साथ यह पार्क बना पर्यटकों की पहली पसंद

प्राकृतिक सौंदर्य और आस्था का अनूठा संगम
मंडी जिले के नाचन वन मंडल के अंतर्गत जंजैहली के भुलाह में वन विभाग द्वारा विकसित बायोडायवर्सिटी पार्क पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। देवी मां शिकारी के चरणों में स्थित यह स्थल अध्यात्म, रोमांच और प्रकृति की त्रिवेणी बन चुका है। श्रद्धालु अब यहां दर्शन के साथ प्रकृति के बीच सुकून भरे पल भी बिता रहे हैं।

ट्री हाउस और ट्री वॉक का रोमांचक अनुभव
पार्क में देवदार के जंगलों के बीच बने चार ट्री हाउस पर्यटकों को प्रकृति की गोद में ठहरने का अवसर देते हैं। प्रत्येक ट्री हाउस में 8 से 10 लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं सहित ठहरने की व्यवस्था है, जिसकी प्रति दिन कीमत 1500 रुपये तय की गई है। वहीं, ट्री वॉक का अनुभव प्रकृति प्रेमियों को अलग ही दुनिया में ले जाता है, जहां वे पेड़ों के बीच हवा में लकड़ी के रास्तों पर चलते हुए वनस्पतियों को करीब से देख सकते हैं।

हिमाचल का नया सैरगाह बना भुलाह पार्क
पार्क की ढलानों, देवदारों के जंगल और प्राकृतिक वातावरण की सुंदरता इसे हिमाचल के प्रमुख सैरगाहों में शामिल कर चुकी है। शांत वातावरण, ठंडी हवाएं और हरियाली यहां आने वाले हर पर्यटक को सुकून देती हैं। यह स्थल अब कश्मीर जैसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों को भी टक्कर देता दिख रहा है।

सरकार की ईको टूरिज्म नीति का सफल उदाहरण
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की जो दिशा तय की है, भुलाह का यह बायोडायवर्सिटी पार्क उसी नीति का प्रेरणादायक परिणाम है। यहां विकसित की गई नर्सरी जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय शिक्षा का माध्यम बन रही है। पार्क के संचालन में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बल मिल रहा है।