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देश में बढ़ते कोविड मामलों को लेकर हिमाचल अलर्ट, अस्पतालों में मास्क और निगरानी के सख्त निर्देश

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 26 May 2025 • 1 Min Read

शिमला

जेएन-1 वैरिएंट और इन्फ्लूएंजा के मामलों को लेकर NHM की गाइडलाइन जारी, मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में तैयारी तेज

देशभर में बढ़ रहे कोरोना मामलों के बीच हिमाचल सतर्क
देश में कोविड-19 के जेएन-1 वैरिएंट और अन्य नए वैरिएंट्स के मामले बढ़ने लगे हैं, जिसको देखते हुए हिमाचल प्रदेश ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली सहित कई राज्यों में संक्रमण के नए केस सामने आ रहे हैं। उत्तराखंड में भी दो पॉजिटिव केस एम्स ऋषिकेश में भर्ती किए गए हैं।

एनएचएम ने जारी की एडवाइजरी
हिमाचल नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को कोरोना और इन्फ्लूएंजा की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट जारी किया है। ओपीडी और आईपीडी में आईएलआई (इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी) और एसएआरआई (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) मामलों की रिपोर्टिंग आईएचआईपी-आईडीएसपी पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य की गई है।

स्वास्थ्य संस्थानों को दिए गए सख्त निर्देश
अस्पतालों को ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, बीआईपीएपी मशीन, पीएसए संयंत्र, जरूरी दवाएं और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। रिपोर्ट किए गए कोविड सैंपल्स को जीनोम अनुक्रमण के लिए नेरचौक स्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग या एनआईवी पुणे भेजना होगा।

शिमला में मास्क पहनना अनिवार्य किया गया
शिमला के आईजीएमसी, डीडीयू, चामियाणा सुपर स्पेशियलिटी और केएनएच जैसे बड़े अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों को मास्क पहनने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने और हाथ की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को विशेष सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, जेएन-1 वैरिएंट में कुछ म्यूटेशन ऐसे हैं जो वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर संक्रमण फैला सकते हैं, हालांकि इसकी गंभीरता अधिक नहीं है। संक्रमितों में सूखी खांसी, बुखार, गले में खराश, नाक बहना, थकावट और स्वाद या गंध का न महसूस होना जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।