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द ग्रेट खली और तहसीलदार आमने-सामने/ पांवटा साहिब में ज़मीन विवाद ने पकड़ा तूल

Shailesh Saini 5 Dec 2025 Edited 5 Dec 1 min read

पांवटा साहिब।

विश्व भर में अपनी पहचान बना चुके डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर दलीप राणा उर्फ़ द ग्रेट खली ने पांवटा साहिब के तहसीलदार समेत राजस्व विभाग पर उनकी ज़मीन पर अवैध कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

खली और सूरजपुर की कुछ स्थानीय महिलाओं ने इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) सिरमौर को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने न केवल खली के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, बल्कि उन पर खुद अवैध कब्ज़ा करने की कोशिश का गंभीर पलटवार भी किया है।

​खली और स्थानीय महिलाओं ने डीसी को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वे 28.08 बीघा ज़मीन के सह-स्वामी हैं और पिछले पांच दशक से वहां रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता द्वारा 2013 में खरीदी गई इस ज़मीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है और 20 मई 2025 तथा 18 जुलाई 2025 को राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से कुछ लोगों ने ज़बरन कब्ज़ा करने की कोशिश की, जिसे ग्रामीणों ने नाकाम कर दिया था।

​उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ऋषभ शर्मा स्वयं मीडिया के सामने आए और उन्होंने खली के सभी आरोपों को निराधार बताया। तहसीलदार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिस ज़मीन पर कब्जे के आरोप लगाए जा रहे हैं, वह दिलीप राणा उर्फ़ द ग्रेट खली की है ही नहीं।

उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि खली पंजाब से हथियारबंद लोगों को लाकर ज़मीन के एक दूसरे हिस्से पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं। तहसीलदार ने बताया कि यह विवादित भूमि विमला देवी बनाम हेमलता का मामला है, जिसका निर्णय नायब तहसीलदार कोर्ट में 25 मार्च 2025 को ही हो चुका है।

​तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने आरोप लगाया कि खली अपनी प्रसिद्धि का अनुचित लाभ उठाकर सरकारी तंत्र पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि 27 अक्तूबर को करीब 50 लोगों के साथ खली उनके कार्यालय पहुंचे थे, जहाँ उन्हें सभी तथ्य दिखाए गए थे।

तहसीलदार ने कहा कि खली जिस भूमि (खाता संख्या 6) पर कब्ज़ा होने का दावा कर रहे हैं, वह उनकी वास्तविक भूमि (खाता संख्या 8) से अलग है। उन्होंने खली से आग्रह किया था कि वह लिखित में आवेदन कर किसी उच्च अधिकारी से निशानदेही करवाएं।

इसके बावजूद, तहसीलदार का आरोप है कि 23 नवम्बर को खली ने पंजाब से धारदार हथियारों वाले लोगों को बुलाकर विवादित भूमि पर ज़बरन बाउंड्री करवा दी। तहसीलदार ने प्रशासनिक तरीके से समाधान की मांग की है।