धर्मशाला के कोतवाली बाजार में व्यापारियों का फूटा गुस्सा
अनुज कश्यप ने लगाया बिना व्यापारियों की राय लिए ट्रेड लाइसेंस थोपने का आरोप,
हिमाचल नाऊ न्यूज़ धर्मशाला
धर्मशाला के हृदयस्थल कोतवाली बाजार में आज सुबह नौ बजे से व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर नगर निगम धर्मशाला के प्रस्तावित ट्रेड लाइसेंस के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।

एकजुट व्यापारियों ने फव्वारा चौक पर एकत्रित होकर अपनी आवाज बुलंद की और नगर निगम के इस फैसले पर जमकर नाराजगी जताई।
कोतवाली बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष, अनुज कश्यप, ने इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए कहा कि व्यापारी ट्रेड लाइसेंस के सिद्धांत के विरोधी नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि नगर निगम धर्मशाला इसे किस उद्देश्य से लागू करने जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के किसी अन्य नगर निगम क्षेत्र में ट्रेड लाइसेंस लागू नहीं है, तो केवल धर्मशाला के व्यापारियों पर ही इसे थोपने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है।
कश्यप ने कहा कि व्यापारियों ने यह स्पष्ट मांग रखी है कि जब तक नगर निगम के निर्वाचित पार्षद या प्रशासनिक अधिकारी ट्रेड लाइसेंस लागू करने के वास्तविक उद्देश्य और इसके पीछे के औचित्य को व्यापारियों के समक्ष स्पष्ट नहीं करते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में प्रमुख व्यवसायी मनीष कपूर ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर निगम व्यापारियों से किसी भी प्रकार की राय या चर्चा किए बिना इस तरह का एक महत्वपूर्ण निर्णय थोप रहा है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी नगर निगम के विकास में हमेशा सहयोग करते आए हैं, लेकिन इस तरह के एकतरफा फैसले से उनमें भारी निराशा और आक्रोश है।
श्री कपूर ने जोर देकर कहा कि व्यापारियों को अंधेरे में रखकर कोई भी नीति लागू नहीं की जा सकती।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से आग्रह किया कि वे तुरंत व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित करें और उनकी चिंताओं को दूर करें।
आज के बाजार बंद और प्रदर्शन ने कोतवाली बाजार में एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी। व्यापारियों का कहना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है और यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे भी कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
धर्मशाला के व्यापारियों का यह एकजुट विरोध प्रदर्शन नगर निगम प्रशासन के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि वे किसी भी ऐसे फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे जो उनकी राय और सहमति के बिना लिया गया हो।
अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और व्यापारियों की मांगों को किस तरह से संबोधित करता है।