धर्मशाला युद्ध स्मारक में पश्चिमी सेना कमांडर ने वीर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि
धर्मशाला
वीरों की शौर्यगाथा को किया नमन, युवाओं को प्रेरणा देने वाला स्मारक बताया
धर्मशाला के युद्ध स्मारक में सोमवार को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने वीर शहीदों को पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया।
युद्ध स्मारक बना प्रेरणा का प्रतीक
लेफ्टिनेंट जनरल कटियार ने अपने संबोधन में कहा कि धर्मशाला का युद्ध स्मारक वीर सैनिकों के अदम्य साहस और समर्पण का प्रतीक है। यह स्मारक युवाओं को प्रेरित करता है कि वे देश की अखंडता और गरिमा की रक्षा के लिए समर्पित भाव से आगे आएं। उन्होंने बताया कि यह स्मारक 28 सितंबर 1977 को स्थापित किया गया था और इसमें उन सभी शूरवीरों के नाम अंकित हैं जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
दिग्गजों से की मुलाकात, समर्पण की भावना की सराहना
पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद सेना कमांडर ने पूर्व सैनिकों से मुलाकात की और उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना अपने पूर्वजों की बहादुरी और निस्वार्थ सेवा को हमेशा याद रखती है और उसे कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में उमड़ा देशभक्ति का सैलाब
इस अवसर पर बड़ी संख्या में सेवारत सैनिक, पूर्व सैनिक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण किया। समारोह देशभक्ति, सम्मान और गर्व की भावना से ओतप्रोत रहा।