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नमामि गंगे से संवरेगा पांवटा साहिब का गोविंद घाट, 29 करोड़ से मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान: हर्षवर्धन चौहान​

Shailesh Saini 22 Dec 2025 Edited 22 Dec 1 min read

उद्योग मंत्री ने किया सौंदर्यीकरण कार्यों का औचक निरीक्षण; बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और श्रद्धा का केंद्र बनेगा यमुना तट​

पांवटा साहिब:

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सोमवार को पांवटा साहिब स्थित ऐतिहासिक गोविंद घाट के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। यमुना नदी के तट पर चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।

​निरीक्षण के दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि केंद्र की ‘नमामि गंगे’ योजना के तहत गोविंद घाट के कायाकल्प पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांवटा साहिब एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ हर साल लाखों की संख्या में विभिन्न धर्मों के श्रद्धालु नतमस्तक होने पहुँचते हैं।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को पुख्ता करना है, ताकि उन्हें यमुना स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान एक बेहतर वातावरण मिल सके।​

यमुना संरक्षण और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उद्योग मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यमुना नदी के संरक्षण, स्वच्छता और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि घाट के सौंदर्यीकरण से यहाँ धार्मिक पर्यटन के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।​

गुणवत्ता से समझौता नहीं: सरकार की कड़ी निगरानी

प्रोजेक्ट की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस परियोजना की पल-पल की निगरानी कर रही है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मौजूद प्रशासन और WAPCOS (वैपकोस) के प्रतिनिधियों से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की और उन्हें निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और डिजाइन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।​

उद्योग मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार इस परियोजना के लिए हर संभव वित्तीय और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध करा रही है, ताकि इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जा सके।