HNN / कुल्लू
महिला एकीकृत नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा ग्राम पंचायत हुरला में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें नशा निवारण के बारे में स्थानीय युवक-युवतियों को विभिन्न जानकारियां प्रदान की गई। मनोवैज्ञानिक दिव्या भारद्वाज ने कहा कि नशा एक बहुत ही भयंकर बीमारी है, इससे बचने के लिए इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानना अति आवश्यक है।
आयुषी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि नशे के गिरफ्त में आये युवक-युवतियों का इलाज संभव है, यदि समय रहते हुए उन्हें नशा निवारण केंद्र में लाया जाए। परियोजना समन्वयक अनिता ठाकुर ने कहा कि भुंतर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में मरीज का उपचार बाह्य रोगी या आवासीय रोगी के रूप में किया जाता है। बाह्य रोगियों को निःशुल्क दवाइयां दी जाती है तथा मनोवैज्ञानिक /काउंसलर द्वारा रोगी तथा उसके परिवार के सदस्यों के लिए परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाता है।
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गम्भीर लक्षणों वाले रोगियों को उनकी सहमति से केन्द्र में भर्ती किया जाता है। आमतौर पर ऐसे रोगियों का 21 से 30 दिनों तक केन्द्र में इलाज किया जाता है तथा उपचाराधीन रोगियों को डॅाक्टर तथा स्टाफ नर्सों की निगरानी में उनके बीपी, तापमान तथा अन्य लैब टेस्ट करवाए जाते है।
उपचार अवधि के दौरान सुबह के समय शारीरिक व्यायाम, ध्यान और योगा प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा करवाएं जाते है। दिन के समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में उन्हे व्यस्त रखा जाता है। रोगियों को केन्द्र में इलाज के दौरान साफ बिस्तर, नाश्ता, चाय, दोपहर का भोजन, रात का खाना मुफ्त दिया जाता है।
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