नादौन के देवराज ने पेश की मानवता की अनोखी मिसाल, स्कूल के नाम पुश्तैनी जमीन और धन दान
दान की अनोखी पहल
नादौन के निवासी देवराज ने अपनी पुश्तैनी जमीन दान करके समाज में एक नई मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल अपनी एक कनाल जमीन स्कूल के नाम दान की, बल्कि सड़क चौड़ीकरण के तहत मिलने वाले दो लाख रुपये भी स्कूल को दान कर दिए। इस कदम ने मानवता और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर किया।
पुश्तैनी जमीन और धन का दान
देवराज ने नादौन एसडीएम राकेश शर्मा के समक्ष एक गिफ्ट डीड बनाकर अपनी जमीन का दान किया। इसके अलावा, सड़क चौड़ीकरण में आई जमीन से मिलने वाली दो लाख रुपये की धनराशि भी उन्होंने उसी स्कूल को भेंट की। देवराज ने इस बारे में कहा, “मेरे पिता ने भी स्कूल के लिए दान दिया था, और जब पता चला कि वो जमीन अब हमारे नाम नहीं है, तो मैंने निर्णय लिया कि मैं इसे वापस स्कूल को दान करूंगा।”
शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता
देवराज का मानना है कि शिक्षा के लिए दान करना बहुत महत्वपूर्ण है, जैसे लोग गौ दान या कन्या दान करते हैं, वैसे ही शिक्षा के लिए भी दान करना चाहिए। उनका यह कदम शिक्षा के महत्व को समझाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है।
एसडीएम राकेश शर्मा की सराहना
नादौन के एसडीएम राकेश शर्मा ने देवराज की इस महान पहल की सराहना करते हुए कहा कि देवराज ने समाज सेवा में अपनी विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि देवराज का यह कार्य न केवल स्थानीय समुदाय के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि यह दूसरों को भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा।
समाज में प्रेरणा का स्रोत
देवराज का यह कदम समाज में एक बड़ा संदेश देता है कि अगर हम सब मिलकर अपने समाज की बेहतरी के लिए योगदान दें, तो समाज में असल परिवर्तन लाया जा सकता है। देवराज की इस पहल ने न केवल नादौन के इलाके में, बल्कि व्यापक रूप से लोगों के दिलों में शिक्षा के प्रति जागरूकता और समर्थन को बढ़ावा दिया है।