HNN/शिमला
राजधानी शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में बीते कल नाशपाती की पेखम प्रजाति ने रायल सेब के दामों को पीछे छोड़ दिया है। जहां कुछ दिन पहले सेब की कीमत आसमान को छू रही थी तो वहीं अब नाशपाती के दाम भी सेब के दामों को पीछे छोड़ रहे हैं। अनिल कुमार निवासी पांदली कोटखाई ने बताया कि वह बीते कल भट्ठाकुफर फल मंडी में पेखम नाशपाती के 9 पेटी बेचने के लिए लाए थे। जहां उनकी 25 किलो की नाशपाती की पेटी 3000 रुपए में बिकी है। जिससे कि बागवानों के चहरे पर ख़ुशी नज़र आई है।
उन्होंने बताया कि नाशपाती किलो 120 रुपए थोक कीमत मिली है और इस नाशपाती की शेल्फ लाइफ भी काफी मजबूत है। उन्होंने यह भी बताया कि पेखम नाशपाती पांच माह तक स्टोर में सुरक्षित रह सकती है। कलम लगाने के तीसरे साल इसमें फल लग जाते हैं। इस नाशपाती को गर्म जलवायु वाले इलाकों में भी उगाया जा सकता है।
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अनिल ने बताया कि वह अभी कम बॉक्स ही बेचने के लिए लाए थे। लेकिन रविवार को यह मंडी में अपना पूरा स्टॉक बेचने के लिए ले आएंगे। बता दें कि जहां रॉयल सेब 110 रुपए प्रति किलो बिका है तो वहीं पेखम नाशपाती 120 रुपए प्रतिकिलो बिक रही है। बल्कि दूसरी किस्म की नाशपाती 70 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है। इस प्रकार की नाशपाती की मध्यम इलाके में कम पैदावार होती है। इसके बावजूद इस बार क्षेत्र में पेखम नाशपाती की बेहतर पैदावार देखने को मिली है।
प्रताप सिंह चौहान प्रधान फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन का कहना है कि आम तौर पर नाशपाती का इतना बड़ा आकार देखने को नहीं मिलता। अब मंडी में नाशपाती की आवाजाही घटी है। मध्यम इलाके में नाशपाती की फसल कम होती है।
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