पानी के टैंक में मिलाया गया जहर, ब्रेष्ट्र गांव के 200 लोगों की जान पर मंडराया खतरा
शिमला के ब्रेष्ट्र गांव में पेयजल टैंक में कीटनाशक मिलाए जाने का मामला सामने आया है। करीब 200 लोगों तक पहुंचने वाली पानी की सप्लाई को एहतियातन रोक दिया गया है।
शिमला
पेयजल टैंक में कीटनाशक मिलने से सनसनी
क्या यह पूरे गांव को खत्म करने की साजिश थी या फिर हैरान कर देने वाली लापरवाही? शिमला के टिक्कर क्षेत्र से सटे ब्रेष्ट्र गांव में पेयजल टैंक में सेब में इस्तेमाल होने वाली जहरीली कीटनाशक दवा मिलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 30 घरों के लगभग 200 लोगों तक पहुंचने वाली पानी की सप्लाई में जहर की पुष्टि होने से इलाके में हड़कंप मच गया।
गंध से हुआ खुलासा
घटना रविवार की है। गांव में नियमित पानी की आपूर्ति के दौरान स्थानीय निवासी आदर्श शर्मा ने नल से भरे गिलास में तेज और असामान्य गंध महसूस की। शक होने पर उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को सतर्क किया और जल शक्ति विभाग को सूचना दी।
सप्लाई रोकी गई, टैंक खाली कराया
ग्रामीणों ने जब अपने-अपने घरों में पानी जांचा तो उन्हें भी वैसी ही गंध आई। एहतियात के तौर पर सभी को नल बंद करने को कहा गया। सूचना मिलते ही जल शक्ति विभाग की टीम मौके पर पहुंची, सप्लाई रोकी गई और टैंक खाली करवाया गया।
लैब जांच में कीटनाशक की पुष्टि
लैब जांच में पानी में सेब की फसल में प्रयुक्त कीटनाशक दवा ‘डर्मिट’ (डमिंट) की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। जल शक्ति विभाग के एसडीओ भूपेंद्र कुमार ने पानी में कीटनाशक के अंश मिलने की पुष्टि की है।
स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव की आशंका
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज के अनुसार यह दवा यदि पानी में मिल जाए या कोई व्यक्ति इसे पी ले तो गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न कर सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गंध का पता न चलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पड़ताल की जा रही है कि जहर सीधे टैंक में मिलाया गया या पाइपलाइन के माध्यम से पानी को दूषित किया गया।
गांव में दहशत, सफाई कार्य शुरू
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। विभाग ने टैंक और पाइपलाइन की सफाई शुरू कर दी है, जबकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है।