Loading...

नाहन नगर परिषद में सियासी घमासान खत्म, भाजपा समर्थित पार्षदों ने अध्यक्ष पर जताया भरोसा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Jan 2025 • 1 Min Read

दोनों पार्षदों ने समर्थन वापस देकर अध्यक्ष श्यामा पुंडीर को फिर से सहयोग का आश्वासन

नाहन नगर परिषद में पिछले कुछ हफ्तों से चल रहा सियासी घमासान आखिरकार खत्म हो गया। भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष अविनाष गुप्ता और पार्षद संध्या अग्रवाल ने अपनी नाराजगी दूर करते हुए वीरवार को एडीएम सिरमौर को पत्र सौंपकर अध्यक्ष श्यामा पुंडीर पर दोबारा भरोसा जताया और अपना समर्थन पुनः वापस दे दिया।

गौरतलब है कि 17 दिसंबर को भाजपा समर्थित दोनों पार्षदों ने अध्यक्ष श्यामा पुंडीर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपना समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद 18 दिसंबर को कांग्रेस समर्थित पांच पार्षदों ने भी अध्यक्ष के खिलाफ डीसी को पत्र सौंपा था। इस सियासी हलचल ने नगर परिषद में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया था। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पार्षदों के बीच उपजे मतभेदों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई ।

क्या थी नाराजगी की वजह?
दोनों पार्षदों की नाराजगी का एक मुख्य कारण नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर के पति को भाजपा मंडल अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर उपजे विवाद को बताया गया। हालांकि, आपसी बातचीत और सुलह के बाद दोनों पार्षदों ने अपना समर्थन वापस देकर नगर परिषद में भाजपा का वर्चस्व बनाए रखा।

अध्यक्ष श्यामा पुंडीर का बयान:
अध्यक्ष श्यामा पुंडीर ने कहा, “मैंने अपने नाराज साथी पार्षदों से बैठक कर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। मैं सभी पार्षदों को साथ लेकर चलने और अपनी कार्यशैली में सुधार करने का पूरा विश्वास दिलाती हूं।”

एसडीएम का क्या कहना है?
एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि भाजपा समर्थित दोनों पार्षदों द्वारा अध्यक्ष को समर्थन देने का पत्र उन्हें फिलहाल नहीं मिला है। 4 जनवरी को बुलाई गई पार्षदों की बैठक में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। यदि समर्थन की पुष्टि हो जाती है, तो यह बैठक रद्द की जा सकती है।

इस सुलह के साथ नाहन नगर परिषद में सियासी अस्थिरता समाप्त हो गई है। पार्षदों के इस निर्णय से अब नगर परिषद में सुचारू रूप से कार्य संचालन की उम्मीद बढ़ गई है।