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नाहन में मेडिकल कालेज को लेकर नई तैयारी, शहर से बाहर जमीन तलाशी जा रही

By PARUL Published: 7 Nov 2024, 6:16 PM | Updated: 8 Nov 2024, 9:55 AM 1 min read

मेडिकल कालेज को शहर से बाहर शिफ्ट करने की तैयारी शुरू

Himchalnow/नाहन

स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर अभिशाप बने मेडिकल कालेज को शहर से बाहर करने की तैयारी विधायक अजय सोलंकी बोले, ऊपरी लेवल पर खड़ी हो रही परेशानियों के चलते मौजूदा स्थल पर रूका है निर्माण कार्य नाहनः जिला सिरमौर को मिले मेडिकल कालेज भवन के अरसे से लटके पड़े निर्माण कार्य को लेकर कांग्रेस सरकार अब अपने स्तर पर शहर से बाहर खुली जगह पर कालेज का भवन बनाने के लिए जमीन तलाश रही है।ये संकेत वेलनेस सेंटर के उद्घाटन के दौरान नाहन के विधायक अजय सोलंक ने दिए हैं।विधायक ने कहा कि मौजूदा समय शहर के बीचोंबीच पुराने अस्पताल के भवन में चल रहे मेडिकल कालेज के लिए अभी से ही कई तरह की दुश्वारियां खड़ी होनी शुरू हो गई हैं। आने वाले समय में ये मेडिकल कालेज लोगों के लिए स्वास्थ्य से ज्यादा यहां पहुंचने के लिए परेशानियों का सबब बनकर रह जाएगा।विधायक ने ये भी कहा कि प्रदेश सरकार इस मेडिकल कालेज को पूर्ण रूप से जल्द से जल्द बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। बावजूद इसके इससे ऊपरी स्तर पर कई परेशानियां खड़ी की जा रही हैं।

इसके चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।मेडिकल कालेज में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है।ईमरजेंसी में मरीजों को शहर की तंग सड़कों से मेडिकल कालेज तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती है।सोलंकी ने कहा कि ये मेडिकल कालेज 2014 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद ने प्रदेश के लिए मेडिकल कालेज स्वीकृत किए गए थे, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नाहन को मेडिकल कालेज की सौगात दी थी। लेकिन, अब मौजूदा परेशानियों के चलते मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को वास्तु स्थिति से अवगत करा दिया है। इसके लिए सीएम ने जगह तलाशने के निर्देश भी दिए हैं।लिहाजा, अब यदि शहर से बाहर मेडिकल कालेज के लिए जमीन तलाशी ली जाती है तो जिला सिरमौर में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ये सरकार का बड़ा प्रयास माना जाएगा।

 बता दें कि नाहन में मिले मेडिकल कालेज के बाद पहले से चल रहे क्षेत्रीय अस्पताल का वजूद ही खत्म हो गया है। हैरान करने वाली बात ये है कि ये क्षेत्रीय अस्पताल कागजों में दुर्गम क्षेत्र धगेड़ा में दिखाया गया है।जबकि, नियमों के अनुसार हिमाचल के जिस जिले को मेडिकल कालेज मिला है, वहां अब भी क्षेत्रीय अस्पताल चल रहे हैं। लिहाजा, विधायक की ओर से उठाए गए इस बड़े मुद्दे को लेकर लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है।अब देखना ये है कि प्रदेश सरकार जमीन तलाशे जाने के बाद मेडिकल कालेज को किस तरह नई जगह स्थापित करने में कामयाब होगी।बड़ी बात ये भी है कि शहर से बाहर मेडिकल कालेज का भवन तैयार होते ही फिर से खोया हुआ क्षेत्रीय अस्पताल भी फंक्शन में आ जाएगा।चूंकि अभी पूरा मेडिकल कालेज क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही चल रहा है।इसी वजह से सिरमौर के लोगों को इस अस्पताल की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं और न ही अब ये अस्पताल सीएमओ के अंडर है।

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