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नाहन में हिंसा के बाद बदला वाल्मीकि शोभायात्रा का रूट, ड्रोन से होगी निगरानी; चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

Shailesh Saini • 1 Hour Ago • 1 Min Read

शुक्रवार को पथराव में 14 लोग घायल होने के बाद प्रशासन अलर्ट, रिजर्व बटालियन भी संभालेगी मोर्चा; दोनों समुदायों ने जताया खेद, भाईचारा बनाए रखने पर सहमति

हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन

हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक शहर नाहन में शुक्रवार को दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद अब रविवार को निकलने वाली श्री वाल्मीकि जी की शोभायात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। तनावपूर्ण घटनाक्रम के मद्देनजर शोभायात्रा का पारंपरिक रूट बदल दिया गया है। पुलिस और रिजर्व बटालियन के जवान तैनात रहेंगे, जबकि ड्रोन के जरिए भी पूरे आयोजन पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

शुक्रवार को श्री वाल्मीकि चौक पर हुए पथराव में 14 लोग घायल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे। घटना के दौरान धार्मिक स्मारक को नुकसान पहुंचने से भी तनाव बढ़ा। इसके बाद से शहर में स्थिति को सामान्य बनाए रखने और दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाल करने के प्रयास जारी हैं। शनिवार को हुई बैठकों के बाद प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों ने घटना पर खेद जताया और भविष्य में आपसी सौहार्द बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

अब इस बदले हुए रास्ते से निकलेगी शोभायात्रा

नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रदीप सहोत्रा के अनुसार, पिछले वर्षों में श्री वाल्मीकि मंदिर से शुरू होने वाली शोभायात्रा गोबिंदगढ़ मोहल्ला, दिल्ली गेट, माल रोड और गुन्नू घाट होते हुए बस स्टैंड से वापस वाल्मीकि मंदिर पहुंचती थी। इस बार शोभायात्रा श्री वाल्मीकि मंदिर से शुरू होकर बस स्टैंड, गुन्नू घाट और माल रोड होते हुए दिल्ली गेट पहुंचेगी। इसके बाद इसी मार्ग से वापस लौटकर शोभायात्रा वाल्मीकि मंदिर में संपन्न होगी।

सोमवार को वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भंडारे सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बदले हुए रूट के जरिए प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के साथ किसी भी संभावित टकराव की आशंका को टालना चाहता है।

गोबिंदगढ़ मोहल्ले से शोभायात्रा निकालने का मिला था निमंत्रण

शनिवार को वाल्मीकि समुदाय और गोबिंदगढ़ मोहल्ले के लोगों की अलग-अलग बैठकों के बाद जिला प्रशासन के साथ दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शुक्रवार को हुए घटनाक्रम पर खेद जताया गया और भविष्य में आपसी भाईचारे के साथ रहने पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान गोबिंदगढ़ मोहल्ले के लोगों ने पहले की तरह शोभायात्रा को अपने मोहल्ले से निकालने का निमंत्रण भी दिया। वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने इस पर सहमति जताई थी। हालांकि, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने शोभायात्रा का रूट बदलने के निर्देश दिए।

पथराव करने वालों की पहचान में जुटी पुलिस, वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे

शुक्रवार दोपहर श्री वाल्मीकि चौक पर हुए पथराव के मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जांच कर रही है।

जांच का उद्देश्य पथराव करने, वाल्मीकि चौक पर स्थित धार्मिक स्मारक को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों पर पथराव करने और शहर का माहौल बिगाड़ने में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान करना है। पुलिस दोनों समुदायों से संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

ड्रोन से निगरानी, रिजर्व बटालियन के जवान भी रहेंगे तैनात

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिरमौर नरेंद्र कुमार ने बताया कि शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। पुलिस बल के साथ रिजर्व बटालियन के जवान भी तैनात रहेंगे और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने लोगों से शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने, अफवाहों और उकसावे से दूर रहने तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने सभी समुदायों से एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने का भी आग्रह किया।

हर समुदाय की सुरक्षा सर्वोपरि : विधायक अजय सोलंकी

नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने शुक्रवार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शहर में सामाजिक एकता और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि नाहन की पहचान किसी एक समुदाय से नहीं, बल्कि यहां रहने वाले सभी धर्मों और समाजों के लोगों के आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे से है।

विधायक ने कहा कि शहर में विभिन्न समुदाय लंबे समय से मिल-जुलकर रहते आए हैं। इस परंपरा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मौजूदा परिस्थितियों में जरूरी है कि लोग संयम बरतें और किसी भी तरह की अफवाह या भड़काऊ बातों पर ध्यान देने के बजाय शांति बनाए रखने में सहयोग करें।

अब सबकी नजर रविवार को निकलने वाली शोभायात्रा पर है। प्रशासन के लिए यह आयोजन केवल सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा नहीं, बल्कि नाहन में सामान्य स्थिति और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में भी अहम होगा।