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नाहन से सुक्खू का सियासी वार :- पिछली सरकार ने लगाए बोर्ड, हमने दिया बजट

By हिमांचलनाउ डेस्क नाहन Published: 8 Mar 2026, 9:15 PM | Updated: 8 Mar 2026, 8:07 PM 1 min read

नाहन में आयोजित राज्य स्तरीय महिला दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही केंद्र सरकार पर हिमाचल के राजस्व घाटा अनुदान को लेकर निशाना साधा।

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नाहन से सुक्खू का सियासी वार :- पिछली सरकार ने लगाए बोर्ड, हमने दिया बजट , केंद्र पर भी निशाना, बोले– हिमाचल के हक की राजस्व घाटा अनुदान राशि रोकी

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में नाहन पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौगान मैदान के मंच से भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर सियासी निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास कार्यों से ज्यादा घोषणाओं के बोर्ड लगाए गए। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समय कई संस्थानों और योजनाओं की घोषणाएं तो की गईं, लेकिन उनके लिए न तो बजट का प्रावधान किया गया और न ही कोई ठोस कार्ययोजना बनाई गई।

मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर दिया और अब विपक्ष में बैठकर केवल बयानबाजी की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार घोषणाओं की नहीं बल्कि धरातल पर काम करने की राजनीति में विश्वास रखती है और प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

सिरमौर के भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले से भाजपा के बड़े नेता जुड़े हुए हैं, जिनमें सांसद सुरेश कश्यप और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद जिला सिरमौर आज तक रेल सुविधा से वंचित है। उन्होंने कहा कि केंद्र में अपनी सरकार होने के बावजूद ये नेता जिला सिरमौर और प्रदेश के लिए कोई बड़ी उपलब्धि नहीं दिला सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी भाजपा सरकार के समय ही ठप पड़ा था, जिससे जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को फिर से गति देते हुए 500 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे सिरमौर जिले को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने नाहन के विधायक अजय सोलंकी की मांग और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी पहल पर धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग पर भी सरकार ने सहमति दी है।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 फरवरी 2026 हिमाचल के इतिहास का काला दिन साबित हुआ, जब प्रदेश को मिलने वाली करीब 10 हजार करोड़ रुपये की राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) रोक दी गई। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के कई राज्यों को पानी उपलब्ध कराता है और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन जब प्रदेश के अधिकारों की बात आती है तो केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के भाजपा सांसदों को केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की मजबूती से पैरवी करनी चाहिए थी, लेकिन इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि तमाम चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार जनता से किए गए वादों और गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और भाजपा की नकारात्मक राजनीति का जवाब विकास कार्यों से दिया जाएगा।