निजी भूमि पर बना है नेरचौक मेडिकल कॉलेज, मालिक ने मांगे 10 अरब रुपये
HNN/ मंडी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला का लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक निजी भूमि पर बना हुआ है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब जमीन के असली मालिक ने हाईकोर्ट में केस जीता। जानकारी के अनुसार, नेरचौक का रहने वाला मीर बख्श जमीन का मालिक है। मीर बख्श ने अपनी 92 बीघा भूमि के बदले 1 हजार 61 करोड़ 57 लाख 11 हजार 431 रुपये मुआवजा मांगा है।
नेरचौक में जिस जमीन पर मेडिकल कॉलेज बना है, वह जमीन मीर बख्श के पूर्वजों की थी। अहम बात है कि अब जमीन के बदले मुआवजा अदा करने के लिए हाईकोर्ट में ही मालिक ने इजराय याचिका दायर की। यह याचिका 12 जुलाई को दायर की गई है।
इस भूमि में इस समय मेडिकल कॉलेज, कृषि, बागवानी, एग्रो इंडस्ट्री, पशुपालन विभाग, लघु सचिवालय, उपमंडलाधिकारी आदि के कार्यालय, स्टोर, भवन तथा स्टाफ के रिहायशी भवन हैं। जबकि अन्य भूमि को निजी लोगों को नीलाम कर दिया गया है। उन्होंने आगे इन जमीनों को बेच दिया है।
दरअसल, मीर बख्श के पूर्वज सुल्तान मोहम्मद विभाजन के दौरान पाकिस्तान चले गए। बाद में हिमाचल सरकार ने जमीन पर कब्जा किया और फिर कुछ जमीन की नीलामी भी की। इस जमीन को निष्क्रांत संपत्ति के तहत सरकार ने कब्जे में लिया था।
बाद में यहां पर मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी दफ्तर बनाए गए। इस मामले में मीर बख्स ने हाईकोर्ट में जमीन को लेकर दावा ठोका और कहा कि उसके पास जमीन के सभी दस्तावेज और पुराने रिकार्ड हैं और इसी के चलते मीर बख्श ने हाईकोर्ट में यह केस जीत लिया।