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निशुल्क कानूनी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 पर करें संपर्क

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 16 Mar 2025 • 1 Min Read

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल ने दी कानूनी सहायता और अधिकारों की जानकारी

चंबा (बनीखेत), 16 मार्च

ग्राम पंचायत बाथरी के पंचायत सामुदायिक भवन में आज विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निखिल अग्रवाल ने की। इस शिविर में महिलाओं और असहाय लोगों को कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

महिलाओं के अधिकार और कार्यस्थल पर सुरक्षा

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निषेध, रोकथाम और निवारण) अधिनियम-2013 लागू किया गया है। इसके तहत पीड़ित महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए कानूनी मदद प्राप्त कर सकती हैं।

निशुल्क कानूनी सहायता और टोल-फ्री हेल्पलाइन

उन्होंने बताया कि नालसा टोल-फ्री नंबर 15100 पर कोई भी व्यक्ति निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा कर सकें।

विधिक अधिकारों पर विशेष जानकारी

इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, मौलिक अधिकार, पंचायती राज अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण कानून, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और महिलाओं से जुड़े अन्य कानूनों की जानकारी दी। इसके अलावा, वूमेन हेल्पलाइन नंबर और अन्य सहायता सेवाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

सामुदायिक भागीदारी और जागरूकता

इस कार्यक्रम में अधिवक्ता दीपिका धर्मानी ने भी विधिक साक्षरता और कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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