उदयपुर में हुए बर्बर हत्याकांड के बाद इसी तरह का मामला अमरावती में भी सामने आया। दोनों जगह जिन लोगों की हत्या की गई उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाली भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया पोस्ट किए थे। पोस्ट के बाद तीनों को ही धमकियां मिलनी शुरू हुईं। अमरावती और उदयपुर में जहां पोस्ट करने वालों की हत्या कर दी गई। वहीं, नागपुर में पोस्ट करने वाले को अपना घर छोड़ना पड़ा।
नागपुर के 22 साल के एक युवक ने सोशल मीडिया पर नुपुर शर्मा के समर्थन में एक पोस्ट किया। इसके बाद उसके परिवार को धमकियां मिलने लगीं। धमकी मिलने के बाद युवक ने पोस्ट डिलीट कर दी। उसने अपनी पोस्ट के लिए माफी भी मांगी। हालांकि, इसके बाद भी धमकी मिलने का सिलसिला नहीं रुका।
जब युवक की तस्वीर पर क्रॉस लगाकर शेयर किया जाने लगा तो युवक नागपुर छोड़कर किसी अज्ञात जगह चला गया। परिवार के मुताबिक 14 जून को युवक ने नूपुर के समर्थन में पोस्ट किया था। इसके बाद धमकी भरे फोन और मैसेज आने लगे तो परिवार ने युवक से पोस्ट डिलीट करवाई।
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इसके बाद भी धमकियां मिलने पर इसकी शिकायत पुलिस से की। शिकायत के बाद कुछ पुलिसवालों को घर पर सुरक्षा के लिए भी तैनात हुए। करीब 7 दिन तक पुलिसवाले सुरक्षा के लिए घर के बाहर बैठते रहे। उदयपुर हत्याकांड के बाद डरे हुए परिवार ने युवक के शहर से बाहर भेज दिया।
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