हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी
आरडीजी बंद होने के बावजूद सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पात्र परिवारों को दी राहत
हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और पात्र लोगों को दी जा रही सब्सिडी योजनाएं जारी रहेंगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त विभाग की प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार ने दो साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1066 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें शिक्षकों, कनिष्ठ अभियंताओं, स्वास्थ्य और तकनीकी पद शामिल हैं। प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पद, 190 कनिष्ठ अभियंता, औषधि प्रयोगशाला में 36 पद और अन्य विभागों में भर्ती को स्वीकृति मिली है।
मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने के बावजूद ओपीएस जारी रहेगी। सरकार ने हिमकेयर, आयुष्मान और एमआईएस जैसी योजनाएं भी जारी रखने का फैसला लिया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 1617 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद होगी और नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित किया जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में 777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। दिव्यांग विवाह अनुदान राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक कर दी गई है।होमगार्ड महिला स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट ने विधानसभा के बजट सत्र को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी है। बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा।बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से विकास की गति बनाए रखेगी और कर्मचारियों व आम जनता को राहत देने के फैसले पर अडिग है।