सोलन में बड़ा खुलासा
हिमाचल प्रदेश के सोलन में पत्नी का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें महिला का पति, एक दलाल और नगर निगम सोलन का श्मशानघाट में तैनात कर्मचारी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पति ने पत्नी की 85 लाख रुपये की इंश्योरेंस राशि हड़पने के लिए यह जालसाजी की थी।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
आरोपी विशाल गोयल (50), निवासी माया गार्डन, जीरकपुर, जिला मोहाली, पंजाब, ने पत्नी मोनिका गोयल का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाया। आरोपी ने दलाल सुरेश शर्मा, निवासी मेड़ोबाग, तहसील पच्छाद, जिला सिरमौर से संपर्क किया। आरोपी ने पत्नी का आधार कार्ड और राशन कार्ड देकर जाली प्रमाणपत्र बनवाया।
श्मशानघाट कर्मी की संलिप्तता
श्मशानघाट में तैनात नगर निगम कर्मचारी धर्मपाल, निवासी आदर्श नगर, धोबीघाट रोड, सोलन, ने भी इस साजिश में साथ दिया। हैरानी की बात यह रही कि महिला का आधार कार्ड दिखाकर श्मशानघाट में लकड़ी की खरीददारी तक दिखाई गई। मोक्षधाम चंबाघाट में फार्म-2 भरकर दो प्रत्यक्षदर्शियों के हस्ताक्षर भी करवाए गए।
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पुलिस कार्रवाई और जांच
महिला को जब इस धोखाधड़ी का पता चला तो वह नगर निगम कार्यालय पहुंच गई और प्रमाणपत्र को रद्द करने के लिए आवेदन दिया। नगर निगम ने 6 फरवरी को पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने 14 मार्च को आरोपी पति को जीरकपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है।
कैसे हुआ खुलासा?
यह धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब जीवित महिला स्वयं नगर निगम कार्यालय पहुंची। उसने बताया कि उसके नाम पर दाह संस्कार दिखाया गया था। पांच जनवरी को कागजों में उसका दाह संस्कार कर दिया गया था, जबकि मामला तीन फरवरी को नगर निगम में सामने आया और फिर छह फरवरी को पुलिस को शिकायत दी गई।
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