परवाणू में साइबर ठगी : करसोग निवासी से 7.50 लाख की धोखाधड़ी , केरल से एक आरोपी गिरफ्तार
Himachalnow / सोलन
पुलिस ने आरोपी से 50 हजार रुपए बरामद किए, अन्य की तलाश जारी
साइबर ठगी का शिकार हुआ करसोग निवासी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग निवासी एक व्यक्ति से परवाणू में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने फोन कर पीड़ित को अवैध पार्सल का झांसा देकर 7.50 लाख रुपये ठग लिए। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने केरल निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उससे 50 हजार रुपये बरामद किए हैं।
कैसे हुई ठगी?
पीड़ित धर्मदास, जो सोलन जिले के परवाणू स्थित सेक्टर-5 में किराए के मकान में रहते हैं, को 2 नवंबर 2024 को एक अनजान व्यक्ति ने फोन किया। फोन करने वाले ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक पार्सल आया है, जिसमें अवैध सामग्री है। इसके चलते उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है और उन्हें जेल भेजा जा सकता है।
डर के मारे पीड़ित ने ठग की बातों में आकर उसे अपने बैंक खाते की पासबुक की फोटो भेज दी। इसके बाद ठग ने ओटीपी मांगकर पीड़ित के खाते से 7.50 लाख रुपये उड़ा लिए। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने परवाणू थाना में शिकायत दर्ज करवाई।
केरल से आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
शिकायत मिलते ही पुलिस ने साइबर ठगी की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केरल के कोझीकोड़े से 51 वर्षीय आरोपी मानिकट्टन पुत्र वासु को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पीड़ित के ठगे गए पैसों में से 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं।
परवाणू में बढ़ रहे साइबर अपराध
एसपी गौरव सिंह ने बताया कि परवाणू थाना में हाल ही में डिजिटल ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे। दोनों मामलों को सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि यह एक संगठित साइबर गिरोह का मामला लग रहा है।
साइबर ठगी से कैसे बचें?
- अनजान नंबर से आए कॉल पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
- ओटीपी या पासबुक की जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई धमकियों से घबराने के बजाय पहले सत्यापन करें।