परिजन कर रहे थे विवाह की तैयारी, उससे पहले आई अजय की लापता होने की खबर
परिवार में खुशियों की जगह मातम में बदल गए आने वाले पल
HNN/ शिलाई
जिला सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के कफोटा उपमंडल के तहत आने वाले दुगना गांव के अजय पुंडीर के घर पर कुछ महीनों में शहनाई बजने वाली थी। परिवार के लोग अजय की शादी की तैयारी में लगे थे। परिजनों से जानकारी मिली है कि अजय ने खुद लड़की पसंद की हुई थी। शनिवार से वह एक सप्ताह की छुट्टी के लिए घर आना था, कि इससे पहले वीरवार रात को बादल फटने की घटना हो गई।
जिससे परिवार में खुशियां आने से पहले ही मातम में बदल गई। रामपुर के समेज में बुधवार रात को हुई बादल फटने की घटना से आई बाढ़ का पता चलाने पर वीरवार तड़के ही परिजनों ने अजय से संपर्क करना शुरू किया, तो उससे संपर्क ना हुआ। तो करीब 30 लोग परिवार और ग्रामीण वीरवार दोपहर तक समेत जा पहुंचे। शुक्रवार देर रात को 10 लोग वापस गांव आ गए हैं।
घटनास्थल पर मौजूद बाढ़ में लापता हुए समेज हाइड्रो पावर के सिविल ऑफिसर अजय पुंडीर के चाचा मुंशी राम पुंडीर ने बताया कि मौके पर जाकर पावर प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट से फोन पर सूचना दी गई थी कि पानी की आवाज बहुत ज्यादा हो गई हैं। जिस पर अजय ने अपने कंपनी के साथियों तथा दो बच्चों को बाहर निकाल तथा खुद भी सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया।
इसी दौरान उसे अपनी मां समान मालकिन की याद आई, तो अजय दोबारा मकान मालकिन को बचाने के लिए घर के अंदर गया। अजय जब मकान मालकिन को बाहर निकल रहा था, तो इसी दौरान पानी का सैलाब आ गया। जो दोनों को अपने साथ बहा कर ले गया। अजय पिछले 14 वर्षों से इसी घर में किराएदार के रूप में रहता था।
अजय के चाचा मुंशी राम ने बताया कि वह मकान मालकिन को अपनी मां की तरह मानता था। धर्म की मां को बचाने के लिए अजय ने अपना जीवन दाव पर लगा दिया। जबकि अपने माता-पिता को जिंदगी भर का गम दे गया। अजय के पिता मुलाराम और माता संधि देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजन अब तो किसी चमत्कार की ही आस लगाएं बैठे हैं, की कोई चमत्कार हो जाए, ओर अजय कही से सुरक्षित निकल गए।