पशुओं में विषाक्तता को लेकर किसानों को जागरूक करना जरूरी- डी.के.वत्स
विश्वविद्यालय में कृषि पशुओं में विष विज्ञान पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन
HNN/कांगड़ा
चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाक्टर डी.के.वत्स ने सोमवार को ‘पशु उपचार में विष विज्ञान की जानकारी‘ पर तीन दिवसीय पुनश्चर्या पाठयक्रम का उद्घाटन किया। कुलपति ने कहा कि कृषि पशुओं में विषाक्तता एक आम समस्या है जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है।
यह महत्वपूर्ण है कि क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारियों को इस समस्या का उचित निदान और उपचार करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र निदान और त्वरित उपचार से बहुमूल्य पशुधन को बचाया जा सकता है।
डा. वत्स ने कहा कि किसानों को जानवरों में विषाक्तता के बारे में भी जागरूक किया जाना चाहिए क्योंकि कभी-कभी चारा उपलब्ध नहीं होने पर जानवर लैंटाना जैसे जहरीले पौधे खा लेते हैं और पालतू जानवर भी गलती से विषाक्त पदार्थ खा लेते हैं।
उन्होंने प्रशिक्षण के आयोजन के लिए पशु चिकित्सा फार्माकोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी विभाग की सराहना की। डा. जी.सी.नेगी पशु चिकित्सा व पशु विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. रवींद्र कुमार ने बताया कि राज्य पशुपालन विभाग के 11 पशु चिकित्सा अधिकारी तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों से पशुधन में विष विज्ञान संबंधी समस्याओं, इसके निदान, उपचार और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि निरंतर पशु चिकित्सा प्रशिक्षण से अधिकारियों का ज्ञान बढ़ता हैं। संयुक्त निदेशक पशुपालन डा. विशाल शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण पशु चिकित्सा अधिकारियों के लिए बहुत उपयोगी होगा। पाठयक्रम निदेशक डा. पल्लवी भारद्वाज एवं डा. दिनेश शर्मा ने रिफ्रेशर कोर्स के बारे में भी विस्तार से बताया।