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पांगी घाटी को प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित करने की प्रक्रिया शुरू, जौ खरीद को मिलेगा समर्थन मूल्य

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 22 May 2025 • 1 Min Read

शिमला

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल शुरू, किसानों की आर्थिकी सुधारने की दिशा में बड़ा कदम

पांगी को मिलेगा प्राकृतिक खेती का विशेष दर्जा
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा हिमाचल दिवस पर की गई घोषणा के अनुरूप पांगी घाटी को प्राकृतिक खेती उपमंडल घोषित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। यह निर्णय क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को सशक्त बनाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

60 रुपये प्रति किलो मिलेगा जौ का समर्थन मूल्य
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पांगी क्षेत्र में उत्पादित जौ को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। इससे स्थानीय किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

समिति ने की पंचायतों का दौरा, बैठकें आयोजित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने पांगी क्षेत्र की शौर, पुर्थी और रई पंचायतों का दौरा किया। समिति ने यहां के किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों से प्राकृतिक खेती के लाभ, अवधारणा और कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा की। किलाड़ में आयोजित बैठक में आवासीय आयुक्त की अध्यक्षता में बीडीसी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यों और पांगी की 19 पंचायतों के प्रधानों और उप-प्रधानों ने भाग लिया।

स्थानीय जागरूकता और विशेषज्ञों की भागीदारी
बैठक में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रवार क्रियान्वयन और पंचायतवार सुझावों पर गहन विचार किया गया। शिमला से पहुंचे विशेषज्ञों ने भी प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी और किसानों को इस ओर प्रेरित किया। आवासीय आयुक्त ने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाकर घाटी को एक आदर्श कृषि मॉडल बनाएं।

प्राकृतिक खेती को मिलेगा स्थायी मॉडल का स्वरूप
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह पहल न केवल पांगी की पारंपरिक कृषि प्रणाली को मजबूत करेगी, बल्कि इसे राज्य के भीतर प्राकृतिक खेती के मॉडल उपमंडल के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। इससे क्षेत्र की आर्थिकी में भी सकारात्मक परिवर्तन आने की उम्मीद है।