पाले का खतरा बढ़ा, धौलाकुआं बागवानी केंद्र ने जारी की सुरक्षात्मक एडवाइजरी
सर्दियों में पाले की बढ़ती आशंका को देखते हुए धौलाकुआं बागवानी केंद्र ने किसानों और बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। फसलों और बागीचों को नुकसान से बचाने के लिए समय रहते सुरक्षात्मक उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है।
नाहन
पाले की आशंका को देखते हुए एडवाइजरी जारी
सर्दियों के मौसम में पाले की बढ़ती आशंका को देखते हुए क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं, जिला सिरमौर ने किसानों और बागवानों के लिए सुरक्षात्मक एडवाइजरी जारी की है। केंद्र ने फसलों और बागीचों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए समय रहते आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है।
मौसम पूर्वानुमान और पोषण प्रबंधन पर जोर
एडवाइजरी में कहा गया है कि मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखना और पाले की स्थिति में अग्रिम तैयारी करना नुकसान को कम करने में सहायक हो सकता है। पौधों का पोषण प्रबंधन समय पर करने, उचित छंटाई से हवा के संचार और धूप के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है।
पाले से बचाव के उपाय बताए
पाले से बचाव के लिए पौधों को पॉली शीट या शैड नेट से ढकने, सर्दियों के अंतिम चरण में मिट्टी की जुताई से बचने और अधिक पाले की संभावना होने पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। जड़ों को ठंड से बचाने के लिए मिट्टी को पत्तियों, घास या पुआल से ढकने की भी सिफारिश की गई है।
विभिन्न फसलों के लिए विशेष सुझाव
एडवाइजरी में आम, कॉफी, डहलिया और अफ्रीकी गेंदा सहित विभिन्न फसलों और पौधों के लिए विशेष सुझाव दिए गए हैं। आम के पौधों को फ्रॉस्ट कपड़े से ढकने, कॉफी के पौधों की जड़ों के आसपास पुआल या पत्तियों की मोटी परत लगाने और गमलों में लगे पौधों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
डहलिया और अफ्रीकी गेंदा पर विशेष ध्यान
डहलिया के पौधों को फ्रेम बनाकर ढकने, जबकि अफ्रीकी गेंदा को पुआल या घास से सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
वैज्ञानिक तरीकों से नुकसान कम करने की अपील
क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र धौलाकुआं की सह निदेशक (अनुसंधान एवं विस्तार) डॉ. प्रियंका ठाकुर ने बताया कि समय रहते वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान और बागवान पाले से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं।