पावर कारपोरेशन के लापता चीफ इंजीनियर की तलाश में 100,000 रुपए का इनाम
हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) विमल नेगी की गुमशुदगी को लेकर अब उनके परिजनों ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। दस मार्च से लापता विमल नेगी का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है, जिससे परिवार बेहद चिंतित है।
सीएम सुक्खू से परिजनों ने लगाई गुहार
शनिवार को विमल नेगी के परिजन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सख्त निर्देश देने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द ही कोई सुराग मिलने की उम्मीद है।
प्रताड़ना के आरोप, पत्नी ने लिखा पत्र
विमल नेगी की पत्नी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाए हैं कि उनके पति को पावर कारपोरेशन के उच्च अधिकारियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी। उन्होंने लिखा कि उनके पति को जानबूझकर चिकित्सा अवकाश नहीं दिया जा रहा था और बार-बार प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि विमल नेगी को आखिरी बार बिलासपुर जिले के घुमारवीं में कंदरौर पुल के पास देखा गया था।
पुलिस जांच जारी
शिमला और बिलासपुर पुलिस मिलकर उनकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने घुमारवीं कोर्ट परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। हालांकि, घुमारवीं बस अड्डे के कैमरे काम नहीं कर रहे थे, जिससे जांच में मुश्किलें आईं।
डीजीपी और होम सेक्रेटरी को पत्र
विमल नेगी की पत्नी ने डीजीपी और होम सेक्रेटरी को भी पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने विशेष जांच दल गठित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले में मात्र दो-तीन कर्मचारियों को तलाश में लगाना उचित नहीं है।
बिजली बोर्ड ने जताई जांच की मांग
बिजली बोर्ड के ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर प्रताड़ना के आरोप सच हैं तो सरकार को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।