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पितृ पक्ष 2024 : जानें कब से शुरू होगा पितृपक्ष, श्राद्ध तिथियां और महत्व

PARUL • 15 Sep 2024 • 1 Min Read

HNN/शिमला

हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक रहता है। इस साल पितृ पक्ष 17 सितंबर से शुरू होगा और 2 अक्टूबर तक रहेगा।

पितृ पक्ष का महत्व:
हिंदू धर्म में, पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितरों का ऋण चुकाया जा सकता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।

श्राद्ध तिथियां:
पितृ पक्ष के दौरान विभिन्न तिथियों पर श्राद्ध किया जाता है। यह तिथियां पितरों की मृत्यु तिथि के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। श्राद्ध में तर्पण, पिंडदान और अन्न दान किया जाता है।

तर्पण और पिंडदान:
श्राद्ध में तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। तर्पण में पितरों को जल अर्पित किया जाता है, जबकि पिंडदान में उन्हें भोजन का दान दिया जाता है। माना जाता है कि इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

पितृ पक्ष के नियम:
पितृ पक्ष के दौरान कुछ नियमों का पालन किया जाता है, जैसे कि ब्रह्मचर्य का पालन, दान पुण्य, और सत्य बोलना। माना जाता है कि इससे पितरों की कृपा प्राप्त होती है।

पितृ पक्ष के दौरान क्या करें और क्या न करें:
पितृ पक्ष के दौरान कुछ चीजें करने से बचना चाहिए, जैसे कि नए कपड़े न खरीदें, नए सामान की खरीदारी न करें, और बाहर न खाएं। इसके बजाय, पितरों को अर्पित करने के लिए भोजन बनाएं और दान पुण्य करें।