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पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी बांध को फॉरेस्ट क्लीयरेंस, 16 जनवरी को खुलेंगे टेंडर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 8 Jan 2026 Edited 8 Jan Quick read

ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी : 6946 करोड़ रुपये की इस बहुउद्देशीय परियोजना से दिल्ली को पेयजल और हिमाचल को बिजली उपलब्ध होगी। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद बांध निर्माण का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया है।

सिरमौर/नाहन

फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट श्री रेणुका जी बांध को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल गई है। दशकों से लंबित इस राष्ट्रीय महत्व की बहुआयामी परियोजना को मंजूरी मिलने के साथ ही अब इसके निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

डायवर्सन टनलों के टेंडर
परियोजना के प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने को इस परियोजना की सबसे बड़ी बाधा माना जा रहा था, जो अब दूर हो गई है।

परियोजना की लागत और लाभ
6946 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला श्री रेणुका जी बांध छह वर्षों में तैयार किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को प्रतिदिन 23 लाख क्यूसिक पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया जाएगा।

बांध और झील की विशेषताएं
श्री रेणुका जी में बनने वाले इस बांध की ऊंचाई 148 मीटर होगी। बांध निर्माण से 24 किलोमीटर लंबी झील अस्तित्व में आएगी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल शिलान्यास के दौरान परशुराम सागर नाम दिया गया था। इस झील के निर्माण से 1988 हेक्टेयर भूमि जलमग्न होगी।

वित्तीय हिस्सेदारी और मुआवजा
परियोजना की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि छह लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। बांध निर्माण से 37 गांवों के 259 परिवार पूर्ण रूप से विस्थापित होंगे, जबकि कुल 1142 परिवार प्रभावित होंगे। प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा अब तक 621 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

दशकों पुरानी अड़चनें दूर
करीब पांच दशकों तक यह परियोजना बजट, भूमि अधिग्रहण, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, न्यायालयीन अड़चनों और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में अटकी रही। अब शिलान्यास और फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

परियोजना प्रबंधन की पुष्टि
खबर की पुष्टि करते हुए श्री रेणुका जी बांध परियोजना के महाप्रबंधक खेम सिंह ठाकुर ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से परियोजना को फॉरेस्ट क्लीयरेंस की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में बनाई जाने वाली डायवर्सन टनलों के लिए 16 जनवरी को टेंडर खोले जाएंगे, जिसके बाद बांध निर्माण कार्य तेज गति से शुरू होगा।