लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

पीरन पंचायत के दो स्वास्थ्य संस्थानों में डाॅक्टर न स्टाफ- लोग परेशान

SAPNA THAKUR | 2 मार्च 2022 at 2:59 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ शिमला

मशोबरा ब्लाॅक के अंतिम छोर की ग्राम पंचायत पीरन के दो स्वास्थ्य संस्थानों में डाॅक्टर न होने से लोगों को उपचार करवाने में परेशानी पेश आ रही है। इस पंचायत के लोगों को इलाज करवाने के लिए शिमला अथवा सोलन जाना पड़ता है। बता दें कि पीरन पंचायत में एक आयुर्वेंद डिस्पेंसरी पीरन और एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ट्रहाई में कार्यरत है। जिसमें स्टाफ के नाम पर केवल एक-एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात है जिनके सहारे यह संस्थान चल रहे हैं।

आयुर्वेद डिस्पेंसरी पीरन से डाॅक्टर व फार्मासिस्ट सरकार द्वारा स्थानान्तरित कर दिए गए है। इसी प्रकार पीएचसी ट्रहाई में एक डाॅक्टर तैनात थे जिनका हाल ही में तबादला शिमला हुआ है। आलम यह है कि क्षेत्र में यदि कोई अनहोनी घटना घट जाती है तो इन दोनों संस्थानों में प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

पीरन पंचायत के पूर्व प्रधान दयाराम वर्मा व अतर सिंह ठाकुर, वरिष्ठ नागरिक दौलतराम मेहता, प्रीतम सिंह ठाकुर, केडी शर्मा, प्रताप ठाकुर, खजान वर्मा, सीएल ठाकुर सहित अनेक लोगों ने सरकार से मांग की है कि पीरन पंचायत के दो स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े डाॅक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ के पदों को तुरंत भरा जाए। इनका कहना है कि आयुर्वेद डिस्पेसरी पीरन का भवन बीते कई वर्षों से जर्जर अवस्था मेें है और बरसात अथाव बारिश क चलते कभी भी धराशाही हो सकता है।

इस भवन की मुरम्मत बारे विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। हिमाचल प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ कुलदीप तंवर का कहना है कि कुसंपटी विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बहुत दयनीय हो गई है और चुने हुए जनप्रतिनिधियों द्वारा इस बारे कोई गौर नहीं किया जा रहा है। आलम यह है कि विधानसभा के एक मात्र सिविल अस्पताल जुन्गा में नेशनल एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध नहीं है।

स्वास्थ्य संस्थानों में डाॅक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ के असंख्य पद खाली पड़े हैं। सबसे अहम बात यह है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में फ्री लैब टेस्ट की सुविधा प्रदान की गई है परंतु इस विधानसभा के किसी भी अस्पताल में लैब टेकनिशियन नहीं है। जिला आयुर्वेद अधिकारी शिमला डाॅ. पवन कुमार जैरथ का कहना है कि पीरन डिस्पेंसरी के लिए हाल ही में एक फार्मासिस्ट के अस्थाई ड्यूटी लगाई गई है। इसके अतिरिक्त असुरक्षित भवन बारे उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]