HNN / शिमला
हिमाचल प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में आखिरकार सीबीआई ने छह माह बाद दो और एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ चंडीगढ़ में यह एफआईआर दर्ज की है। पहली प्राथमिकी में कांगड़ा के नूरपुर के गांव देव भराड़ी के निवासी मुनीष कुमार, फतेहपुर के गांव खटियाड़ के मनी चौधरी और इसी जिले के भडियाड़ा के गौरव को नामजद किया है।
दूसरी प्राथमिकी में अब मुनीष कुमार के अलावा नूरपुर निवासी सुनील कुमार को नामजद किया है। इससे पहले सीबीआई ने 21 नवंबर को कांगड़ा, सोलन पुलिस और सीआईडी से इस मामले से संबंधित रिकॉर्ड और स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी। बता दें कि हिमाचल में पुलिस कांस्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले की जांच पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा था। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने 17 मई, 2022 को पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया था।
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सीबीआई ने फिलहाल उन्हें ही आरोपी बनाया है, जिन्हें पुलिस और सीआईडी ने एफआईआर में नामजद किया था। यह मामला शिमला स्थित सीबीआई शाखा के बजाय चंडीगढ़ में इसलिए दर्ज किया है, क्योंकि वहां पर क्राइम ब्रांच है। गौरतलब है कि हिमाचल में पुलिस कांस्टेबलों के 1,334 पदों की भर्ती के लिए 27 मार्च को लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके बाद इसका परिणाम भी घोषित कर दिया। लेकिन इसी बीच पेपर लीक होने का मामला सामने आया और सीएम जयराम ठाकुर ने इस परीक्षा को रद्द कर मामले की जांच के आदेश दिए थे।
पुलिस ने इस मामले की जांच करते हुए 116 अभ्यर्थियों समेत 171 से अधिक आरोपी गिरफ्तार किए। इनके खिलाफ शिमला, कांगड़ा और सोलन के अर्की कोर्ट में तीन चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं। 21 नवंबर को सीबीआई ने कांगड़ा, सोलन पुलिस और सीआईडी से रिकॉर्ड और स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
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