पॉलिटिव वैन (Palliative Care Van) / आईजीएमसी शिमला में 40 किमी दायरे में रोगियों को निशुल्क देखभाल और दवाइयां
सिप्ला फाउंडेशन और कैनसपोर्ट इंडिया के सहयोग से नई पहल शुरू
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गंभीर रूप से बीमार रोगियों को घर-द्वार पर चिकित्सा सेवा प्रदान करने की पहल की शुरुआत की। इस सेवा के तहत कैंसर रोगियों, अस्पताल जाने में असमर्थ और लंबे समय से बीमार मरीजों को उपशामक देखभाल प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आज शिमला से इस सेवा के लिए समर्पित चिकित्सा पेशेवरों की टीम और वाहन को रवाना किया।
इस टीम में उपशामक देखभाल में प्रशिक्षित एक चिकित्सक, एक समाजशास्त्री और एक नर्स शामिल हैं। यह टीम आईजीएमसी शिमला के रेडियोथेरेपी एवं आन्कोलॉजी विभाग के अंतर्गत रोगियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी। इस पहल को सिप्ला फाउंडेशन और कैनसपोर्ट इंडिया के सहयोग से शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम प्रदेश सरकार की सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। टीम आईजीएमसी शिमला के चिकित्सकों के साथ गहन परामर्श कर रोगियों की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करेगी। इसके अलावा, टीम में शामिल समाजशास्त्री मरीजों की सामाजिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं को भी पूरा करेंगे।
शुरुआत में यह सेवा आईजीएमसी शिमला के 40 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मरीजों को प्रदान की जाएगी। मरीजों को दवाइयां और ड्रैसिंग किट निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेवा गंभीर रूप से बीमार मरीजों को विशेष देखभाल और आवश्यक चिकित्सा सहायता घर-द्वार पर उपलब्ध करवाने में कारगर साबित होगी।
इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।