प्रत्यक्ष चुनाव पर प्राचार्यों की राय, मेरिट आधार पर SCA गठन की मांग
मंगलवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) और सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) की खेल एवं पाठ्येत्तर गतिविधि परिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे प्राचार्यों ने प्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव पर अपनी राय रखी। अधिकांश प्राचार्यों ने प्रत्यक्ष चुनाव का विरोध किया और इस बार भी मेरिट आधार पर एससीए (छात्रसंघ) के गठन की मांग की। एचपीयू के कुलपति प्रो. एसपी बंसल ने प्राचार्यों से चुनावों के बारे में सुझाव मांगे, जिस पर प्राचार्यों ने प्रत्यक्ष चुनाव न करवाने की सलाह दी।
अकादमिक सत्र और कक्षाओं पर प्रभाव का डर
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प्राचार्यों का मानना है कि प्रत्यक्ष चुनाव कराने से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अकादमिक सत्र प्रभावित होगा। चुनावी प्रक्रिया में कम से कम एक महीने से अधिक का समय लगेगा, जिससे कक्षाएं बाधित होंगी। इस कारण से, उन्होंने सुझाव दिया कि छात्रसंघ का गठन अप्रत्यक्ष रूप से मेरिट के आधार पर किया जाए। यह भी उल्लेखनीय है कि प्रत्यक्ष चुनावों में बढ़ती हिंसा के कारण 2013 से ये चुनाव बंद हैं।कुलपति जल्द ही इस पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे, जिसके बाद चुनावों के तरीके पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परीक्षा परिणामों के लिए क्लस्टर प्रणाली
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि परीक्षा परिणामों को जल्दी निकालने के लिए क्लस्टर प्रणाली अपनाई जाएगी। इसके तहत, कॉलेजों को जोनों में बांटकर एक नोडल महाविद्यालय बनाया जाएगा, जहां पेपरों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना है।
कॉलेजों की ग्रेडिंग और नए निर्देश
बैठक में कुलपति ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को यूजीसी नेक टीम का दौरा करवाकर कॉलेजों की ग्रेडिंग करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चाहे कॉलेज बड़ा हो या छोटा, ग्रेडिंग करवाना अनिवार्य होगा। साथ ही, अब कॉलेजों के पात्र शिक्षक विभिन्न विषयों में पीएचडी करवा सकेंगे और गाइड बन सकेंगे। इस फैसले की जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी।
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