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प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूल खुद तय करेंगे छात्रों की वर्दी के रंग

PARUL • 23 Nov 2023 • 1 Min Read

HNN/शिमला

हिमाचल में प्रदेश सरकार की ओर से नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 से सरकारी स्कूल की एसएमसी को वर्दी का रंग चुनने का अधिकार देने का फैसला लिया है। जिसके अनुसार छात्राओं के लिए सलवार-कमीज या स्कर्ट-शर्ट में एक ड्रेस चुनने का विकल्प भी स्कूलों को दिया गया है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर द्वारा यह जानकारी दी गई है।

उन्होंने बताया कि सरकार पहले की तरह पहली से 8वीं कक्षा की सभी लड़कियों को और आरक्षित वर्ग के लड़कों को वर्दी खरीद के लिए 600 रुपये बैंक खातों में देती रहेगी। अगर स्कूल चाहेंगे तो एसएमसी फंड से वर्दी में और सुधार लाने के लिए अपनी ओर से और धनराशि भी विद्यार्थियों को दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक पढ़ने वाले 5.25 लाख विद्यार्थियों को वर्दी का पैसा सरकार की ओर से दिया जाता है।

जबकि 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी खुद खरीदनी पड़ती है। सरकार की ओर से निशुल्क वर्दी योजना में इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में अभी पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए लाल, काले और सफेद रंग की चेकदार वर्दी है। छठी से 12वीं तक की छात्राओं को दुपट्टा भी अनिवार्य किया गया है। लड़कों की वर्दी हरे रंग की पेंट और हरे रंग की चेक कमीज है।

अब प्रदेश सरकार ने अपनी मर्जी की ड्रेस का रंग चुनने का स्कूलों को अधिकार दे दिया है। इसके तहत स्कूल हेडमास्टर और प्रिंसिपल को एसएमसी से चर्चा करने के बाद रंग चुनने का फैसला लेने को कहा है। उन्होंने बताया कि नए सत्र से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी निजी स्कूलों के बच्चों की तर्ज पर अलग-अलग रंग की वर्दी में नजर आएंगे।