प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर गुलाम रसूल ने स्वरोजगार से बदली अपनी किस्मत
स्वरोजगार के लिए सरकार से ली सहायता, पहले मछली और फिर बकरी पालन से बनाई आर्थिक सशक्तता की मिसाल
नाहन
सरकार की योजनाओं से बदल रही ग्रामीणों की आर्थिक तस्वीर, गुलाम रसूल ने दी सात लोगों को रोजगार
सरकारी योजनाओं का मिला लाभ
गांव खैरी, डाकघर त्रिलोकपुर, तहसील नाहन निवासी गुलाम रसूल ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया। पहले मछली पालन और फिर बकरी पालन की ओर कदम बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त किया।
मछली पालन से शुरू किया सफर
गुलाम रसूल ने वर्ष 2023 में मत्स्य पालन विभाग से संपर्क कर 3 लाख रुपये की परियोजना मंजूर करवाई, जिसमें उन्हें 30 प्रतिशत अनुदान भी प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने 4 तालाब बनवाए और मछलियों की पंगास व राहु प्रजातियों का बीज खरीदा। अब तक उन्हें 6.50 लाख रुपये की आय हुई है, जिसमें 4.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ शामिल है।
बकरी पालन से बढ़ा दायरा
मछली पालन से आत्मविश्वास पाकर उन्होंने 2024 में पशुपालन विभाग से 60 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत करवाई, जिसमें 30 लाख रुपये ऋण और 30 लाख रुपये अनुदान मिला। पंजाब से बकरियां खरीदकर उन्होंने दो शेड और चारा भंडारण केंद्र का निर्माण किया। एक वर्ष में उनके पास अब 450 बकरियां हैं और आगामी वर्ष से उनका विक्रय भी शुरू होगा।
रोजगार के अवसर भी दिए
गुलाम रसूल अब तक कुल सात लोगों को रोजगार दे चुके हैं। मछली और बकरी पालन दोनों में वह स्थानीय युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं और 500 से अधिक परिवारों को भी इस दिशा में जोड़ने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने मथुरा के केंद्रीय अनुसंधान केंद्र से बकरी पालन का प्रशिक्षण लिया है। गुलाम रसूल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।