HNN/शिमला
हिमाचल प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी का संकट गहराया हुआ है। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों के 3,000 पद रिक्त हैं, जिससे स्कूलों में पढ़ाई कराना मुश्किल हो गया है। संघ ने सरकार से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने कहा कि 20 से कम संख्या वाली पाठशालाओं में दूसरा शिक्षक नहीं दिया जा रहा है, जिससे अभिभावकों ने बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकाल कर निजी स्कूलों में दाखिले करवाए हैं। संघ ने सरकार से मांग की है कि बंद हुए और विलय किए स्कूलों के समस्त पदों को सांझा सरोवर में डालने के बजाय केंद्रीय पाठशालाओं या मुख्यमंत्री एक्सीलेंस स्कूलों में शिफ्ट किया जाए।
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संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही वार्ता के लिए नहीं बुलाया तो 21 सितंबर को निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के 6300 के करीब प्राथमिक स्कूलों में पूर्व प्राथमिक कक्षाएं वर्ष 2018 से चल रही हैं, लेकिन इन कक्षाओं के लिए नर्सरी अध्यापक नहीं रखे गए हैं। इन कक्षाओं में 50,000 के करीब बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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