“बनकला पंचायत की बहू बनी बदलाव की आवाज”
शिक्षित और मिलनसार छवि के साथ चेतना ने झोंकी पूरी ताकत, घड़ी चुनाव चिन्ह पर मांगे वोट
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन
पंचायतीराज चुनावों के बीच ग्राम पंचायत बनकला में इस बार चुनावी मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। प्रधान पद की प्रत्याशी चेतना गांव-गांव जाकर लोगों से समर्थन मांग रही हैं।
खास बात यह है कि चेतना खुद को “गांव की बहू” के रूप में जनता के बीच पेश कर रही हैं, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों में उनके प्रति विशेष अपनापन दिखाई दे रहा है।शिक्षित और मिलनसार छवि रखने वाली चेतना का कहना है कि पंचायत में अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जवाबदेही और विकास की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें मौका देती है तो पंचायत में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, महिलाओं के स्वरोजगार, युवाओं के लिए खेल सुविधाएं और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।चुनाव प्रचार के दौरान चेतना को महिलाओं और युवाओं का अच्छा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को इस बार ऐसे प्रतिनिधित्व की जरूरत है जो लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझे और समाधान के लिए काम करे।चेतना ने अपने प्रचार अभियान में “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास” को मुख्य आधार बनाया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत का विकास राजनीति से नहीं बल्कि आपसी सहयोग और ईमानदार प्रयासों से संभव होगा।ग्राम पंचायत बनकला में 28 मई को मतदान होना है। चेतना का चुनाव चिन्ह “घड़ी” है।
प्रचार के दौरान उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि पंचायत के भविष्य और विकास को ध्यान में रखकर मतदान करें।स्थानीय लोगों का मानना है कि इस बार पंचायत चुनाव में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ने से चुनाव का माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है।
