HNN/ शिमला
शिमला जिले के उपमंडल कुपवी की मझौली पंचायत के गौंठ गांव निवासी जवान की पार्थिव देह आज जैसे ही घर पहुंची तो चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। जवान की पत्नी सहित परिजन उनकी पार्थिव देह के घर आने का इंतजार कर रहे थे। देर रात जैसे ही जवान की पार्थिव देह घर पहुंची तो परिजन बेसुध हो गए।
बता दें कि राइफलमैन कुलभूषण मांटा (26) का पार्थिव शरीर शुक्रवार देर शाम को हवाई मार्ग से चंडीगढ़ पहुंचा। इसके बाद यहां से जवान के पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव तक पहुंचाया गया जहां पर आज उनका अंतिम संस्कार भी किया गया। शनिवार को शहीद कुलभूषण के चचेरे भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी।
जवान के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का भी भारी हुजूम उमड़ा। इस दौरान सैकड़ों की तादाद में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शहीद कुलभूषण की शादी 1 वर्ष पहले ही नीतू (25) से हुई थी जिनका तीन माह का बेटा भी है। ऐसे में कुलभूषण अपने पीछे पत्नी सहित मासूम बच्चे को छोड़ गए हैं। माता दुर्गा देवी, पिता प्रताप सिंह, तीन बहने रेखा, रंजना और किरण के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे है।
आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान हुए थे शहीद
बारामुला जिला के सीरी इलाके में तारीपोरा के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान बुधवार को सैनिकों तथा आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। हालांकि, सैनिकों के द्वारा आतंकियों की घेराबंदी कर ली गई थी मगर तभी आतंकियों की ओर से हुई भीषण गोलाबारी में 52 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान कुलभूषण बुरी तरह से घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें घायल अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया जहां पर उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

