बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर हरोली में कार्यशाला आयोजित
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
समाज में बेटियों के महत्व और उनके अधिकारों पर जागरूकता अभियान
हरोली । महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हरोली में खंड स्तरीय “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “वो दिन योजना” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम हरोली विशाला शर्मा ने की।
बेटियों को सशक्त बनाने का आह्वान
कार्यशाला के दौरान एसडीएम हरोली विशाला शर्मा ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बालिका लिंग अनुपात को संतुलित करना, लड़कियों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना और उन्हें समान अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि बेटियों की उच्च शिक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करना समृद्ध समाज की नींव है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष जानकारी
चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिखा शर्मा ने किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर चर्चा की। उन्होंने किशोरियों को सुपोषण, माहवारी स्वच्छता और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उपाय बताए। माहवारी के दौरान सफाई के महत्व पर भी जोर दिया गया।
अभियान की सफलता पर जोर
बाल विकास परियोजना अधिकारी हरोली, शिव सिंह ने बताया कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत खंड हरोली में शिशु लिंग अनुपात 940 तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा इस योजना की सफलता का परिचायक है। उन्होंने लोगों को इस दिशा में योगदान देने का आग्रह किया।
कार्यशाला में जागरूकता का प्रसार
इस कार्यक्रम में बेटियों के स्वास्थ्य, अधिकारों और शिक्षा के महत्व पर जागरूकता फैलाई गई। “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “वो दिन योजना” के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में यह कार्यशाला सहायक सिद्ध हुई।
विशेष अतिथि और प्रतिभागी
कार्यक्रम में डीपीओ ऊना नरेंद्र कुमार, स्कूल प्रधानाचार्य रविंद्र कुमार, परियोजना सुपरवाइजर नीलम सैणी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर पोषण ज्योति शर्मा और स्कूली स्टाफ उपस्थित रहे।