धर्मशाला में टोंगलेन ट्रस्ट प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से की भेंट, शिक्षा सहयोग पर हुई चर्चा
टोंगलेन ट्रस्ट धर्मशाला के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर विद्यालय के लिए भूमि पट्टे की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने वंचित एवं बेसहारा बच्चों की शिक्षा से जुड़े प्रयासों के लिए राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया।
धर्मशाला
मुख्यमंत्री से मिला टोंगलेन ट्रस्ट का प्रतिनिधिमंडल
टोंगलेन ट्रस्ट धर्मशाला के एक प्रतिनिधिमंडल ने ट्रस्ट के निदेशक थेरचिन ग्याल्तसेन के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भेंट की। बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ट्रस्ट द्वारा संचालित विद्यालय की गतिविधियों, वहां अध्ययनरत बच्चों की शैक्षणिक आवश्यकताओं तथा संस्थान के भविष्य के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि ट्रस्ट वंचित एवं बेसहारा बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय का संचालन कर रहा है। इस दौरान विद्यालय के लिए भूमि पट्टे की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके।
विद्यालय संचालन और सुविधाओं पर हुई चर्चा
बैठक में ट्रस्ट की ओर से संचालित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा बच्चों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी साझा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय के संचालन, आधारभूत ढांचे के विकास और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक संसाधनों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि संस्था जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके समग्र विकास के लिए भी कार्य कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय के विस्तार और दीर्घकालिक संचालन के लिए आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया।
राज्य सरकार ने सहयोग का दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा से जुड़े ऐसे प्रयासों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनका उद्देश्य जरूरतमंद और वंचित वर्गों के बच्चों तक शैक्षणिक अवसर पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1,000 रुपये तथा 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सहायता का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग प्रदान करना है।
शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने पर बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाना महत्वपूर्ण है तथा इस दिशा में कार्य कर रही संस्थाओं की भूमिका भी अहम है। उन्होंने ट्रस्ट द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शिक्षा के अवसरों को व्यापक बनाने में योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधायक हरीश जनारथा, ट्रस्टी दोरजे तथा पार्षद पलकित नेगी भी उपस्थित रहे। बैठक में ट्रस्ट की गतिविधियों, विद्यार्थियों के हितों तथा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।