चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना पर राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने व्यक्त किए विचार
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने जनगणना के स्व-गणना अभियान में भाग लेते हुए नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े विभिन्न विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आधारभूत ढांचा विकास से संबंधित नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिमला
स्व-गणना अभियान में लिया भाग
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोमवार को जनगणना के स्व-गणना अभियान में भाग लिया। अभियान के तहत उन्होंने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करवाई और नागरिकों से भी इस प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, परिवारों की संरचना, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा अन्य आवश्यक आंकड़े एकत्र किए जाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई सही और पूर्ण जानकारी भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना पर रखे विचार
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने चिनाब-ब्यास सुरंग परियोजना का उल्लेख करते हुए इसे जल संसाधन प्रबंधन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत चिनाब नदी के अधिशेष जल को सुरंग के माध्यम से ब्यास बेसिन की ओर मोड़ने की योजना है। राज्यपाल ने कहा कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और विभिन्न राज्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी परियोजनाओं का महत्व बढ़ जाता है। उन्होंने इस विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है।
जनगणना आंकड़ों की उपयोगिता बताई
राज्यपाल ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े केंद्र और राज्य सरकारों को विभिन्न क्षेत्रों में योजनाएं तैयार करने के लिए आधार उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा सुविधाओं के विकास, आवास योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों तथा आधारभूत ढांचे से संबंधित परियोजनाओं के लिए जनगणना के आंकड़ों का व्यापक उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि सटीक और अद्यतन आंकड़े नीति निर्माण, संसाधनों के वितरण तथा विकास कार्यक्रमों की प्राथमिकताएं तय करने में सहायता करते हैं।
15 जून तक उपलब्ध है स्व-गणना सुविधा
राज्यपाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में नागरिक 1 जून से 15 जून तक ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस अवधि के दौरान परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य अपने परिवार के सभी सदस्यों का विवरण स्वयं दर्ज कर सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाया गया है, जिससे नागरिक अपने घर से ही निर्धारित जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने प्रदेशवासियों से जनगणना अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही व्यापक और विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रारूप में सही ढंग से दर्ज करें। राज्यपाल ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार भी प्रदान करती है।