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बैक गियर बजट से हिमाचल को पीछे धकेल रही सरकार: डॉ. बिंदल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 21 Mar 2026 Edited 21 Mar Quick read

Himachalnow / शिमला

₹4000 करोड़ की कटौती, गारंटियों पर सवाल, विकास कार्यों पर असर का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 के बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “हिमाचल को पीछे ले जाने वाला बैक गियर बजट” करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में ऐसा बजट पहले कभी नहीं देखा गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में हजारों करोड़ रुपये की कटौती की गई हो।

शिमला

बजट पर डॉ. बिंदल की कड़ी प्रतिक्रिया

डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि लगभग 4000 करोड़ रुपये की कटौती का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ेगा और प्रदेश में चल रही योजनाएं प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में वास्तविक पहल के बजाय केवल केंद्र प्रायोजित योजनाओं को जोड़कर बजट को बड़ा दिखाने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से केंद्र सरकार को दोष देती रही है और इस बार भी बजट में वही रुख देखने को मिला। जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश में अधिकांश विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से ही चल रहे हैं।

डॉ. बिंदल ने 2022 की गारंटियों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 1 लाख सरकारी नौकरियों का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की योजना भी अब तक लागू नहीं की गई। इसके अलावा दूध खरीद से जुड़ी गारंटी में भी बदलाव कर सरकार जनता को गुमराह कर रही है।

उन्होंने कहा कि 5 लाख रोजगार सृजन का वादा भी केवल कागजों तक सीमित है और यह बजट युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ मजाक साबित हुआ है।

डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था, माफिया पर नियंत्रण, अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता और बंद संस्थानों को दोबारा खोलने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उल्टा, और संस्थान बंद करने के संकेत दिए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का पुलिंदा है, जिसमें विकास की स्पष्ट दिशा नजर नहीं आती। भाजपा इस बजट का विरोध करेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।