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भारी बारिश से तबाही, सरकार ने पुनर्वास और राहत के लिए उठाए विशेष कदम

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 31 Aug 2025 • 1 Min Read

चम्बा

आपदा से भारी नुकसान, 2023 से अधिक चुनौतीपूर्ण हालात
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस बार आपदा का असर वर्ष 2023 से कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने शनिवार को चम्बा और कांगड़ा जिलों के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों, बिजली, पानी और संचार सेवाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जिसे बहाल करने में समय लगेगा। सरकार हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाने और पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज लाएगी।

राहत और बचाव कार्यों में तेजी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फंसे लोगों तक भोजन, पानी और आश्रय की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चम्बा-भरमौर एनएच-154ए और अन्य संपर्क सड़कों को प्राथमिकता पर बहाल करने और बिजली व पेयजल आपूर्ति को अस्थायी रूप से पुनर्स्थापित करने के निर्देश दिए। प्रदेश सरकार ने फंसे हुए श्रद्धालुओं को निकालने के लिए एचआरटीसी व निजी बसों की व्यवस्था की है। शुक्रवार को लगभग 5000 श्रद्धालुओं को कलसुंई से नूरपुर और पठानकोट भेजा गया, जबकि जम्मू-कश्मीर से आए श्रद्धालुओं के लिए छोटे वाहनों का इंतजाम किया गया।

केंद्र से की विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि बादल फटने की बार-बार की घटनाओं और वैश्विक ऊष्मीकरण से हो रही तबाही को लेकर गहन अध्ययन जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर विशेषज्ञ समिति गठित करने का आग्रह किया है ताकि भविष्य में आपदाओं से बेहतर निपटा जा सके।

विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर आपदा की स्थिति में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार राहत और पुनर्वास में जुटी है, तब विपक्ष अफवाहें फैला रहा है। मणिमहेश यात्रा को स्थगित करने का निर्णय केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया है।